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शायद आपको मालूम कम ही होगा
!!हर शब्द अमॄतम!! पन्ना रत्न का प्रभावी प्रयोग… शुकबर्हवारि सेंधवशिरीषकुसुमप्रभंहरिद्राभम्! मार्जारनयननैल्यं वंशच्छदकान्ति वैदूर्यम् !! आचार्य वराहमिहिर रचित पुस्तक “वृहद सहिंता” में पन्ना रत्न को मरकत मणि बताया गया है। पन्ना रत्न पहनने से कीटाणु, संक्रमण/वायरस और विषैले जीवों का आक्रमण या भय नहीं होता। संस्कृत में पन्ने का एक नाम गरलारि भी है। गरुड़पुराण में उल्लेख है कि-मृत मनुष्य के मस्तक पर पन्ना भस्म का त्रिपुण्ड लगाकर,…
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अमृतम के 28 स्वास्थ्य वर्द्धक सूत्र आपके तन-मन-अन्तर्मन को ताउम्र स्वस्थ्य रखने में सहायक सिद्ध होंगे…
स्वस्थ्य जीवन के लिए !!हर शब्द अमॄतम!! कैसे करें-बीज मन्त्रो से बवासीर, मधुमेह यानी डाइबिटीज और लिवर, पेट की तकलीफों की चिकित्सा… जानेे इस लेेेख में- स्वस्थ्य रहना जीवन की सर्वश्रेष्ठ सफलता है। स्वस्थ्य शरीर ही अनेक अविष्कार की जननी है। जब आप स्वस्थ्य रहेंगे, तभी जीवन के उत्सव को उमंग-उत्साह से मना पाएंगे। थोड़ी सी सावधानी बरतने…
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क्यों चुना मोदीजी ने यह दिन…. 5 अप्रैल 2020 रविवार को दीपक जलाने का क्या रहस्य है और इससे भारत को क्या फायदा होगा…..०००
!!हर शब्द अमॄतम!! 05 अप्रैल को दीपदान का महत्व…. बृहदारण्यकोपनिषद् 1.3.28। में संकट काल के समय महाकाल से प्रार्थना का वर्णन है- असतो मा सदगमय तमसो मा ज्योतिर्गमय मृत्युर्मा अमृतम गमय ॐ शान्ति:शान्ति: शान्तिः! भावार्थ- हे महादेव! मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो। हमें अन्धकार से प्रकाश की ओर ले चलो। मुझे मृत्यु…
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बहुत कम लोग जानते हैं-ॐ नमःशिवाय पंचाक्षर मन्त्र के चमत्कारी रहस्य और 26 फायदे
#वेद-पुराणों का हर शब्द अमॄतम# आपको हैरानी होगी यह जानकर कि– !!ॐ नमःशिवाय!! मन्त्र कीलित है। जब तक इसका उत्कीलन नहीं होगा यानि ताला नहीं खुलेगा, तब तक यह मन्त्र अपना शुभ प्रभाव या लाभ नहीं दिखा सकता। दूसरी बात इस ब्लॉग के जरिये जाने कि- कब, कैसे कितनी माला जपने से यह किस तरह, क्या कार्य…
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।। हर शब्द अमॄतम।।
दुर्गा सप्तशती में वर्णन है- “क्षुधा रूपेण संस्थिता…..” क्षुधा का अर्थ है-भूख यानि सभी को तन-वतन, मन-अमन की भूख बनी रहती है। ● शरीर की भूख है-भोजन ● मन की भूख है- सुख:सम्पन्नता ● बुद्धि की भूख है-ज्ञान:विज्ञान ● आत्मा की भूख है-मोक्ष:मुक्ति। इसलिये वेदों का उदघोष है…. असतो मा सदगमय तमसो म ज्योतिर्गमय.. हे सदाशिव! सन्सार का अंधकार मिटाकर…
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पुराने समय में जब छींकना भी-अपशकुन मानते थे, क्योंकि बुजुर्ग मानते थे कि- छींक के संक्रमण से फैलती हैं…कोरोना जैसी बहुत सी बीमारियां…….
स्वस्थ्य रहने के लिए हमें प्राचीन पध्दतियों, परम्पराओं को पकड़ना होगा।जाने क्या हैं वे 40 मान्यताएं!!!! स्वस्थ्य तन से ही मन में अमन रहता है और वतन भी स्वच्छ रह पाता है। आयुर्वेद की प्रबल मान्यता है कि मन श्रद्धा से भरपूर हो, तब पहाड़ भी आपका रास्ता छोड़ देते हैं। सदैव स्वस्थ्य रहने के लिए अपनाएं…
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चीन का चांडालपन, चालाकी है-कोरोना। चमन उजाड़ डाला चीन ने….
कलयुग में प्यार-मोहब्बत और चीन का सामान चले, तो चाँद तक या फिर शाम तक……. शह और मात का खेल-कोरोना!!!!…… विश्व में वायरस फैलाकर खुद “आनंद रस“ लेने वाला चीन, अब चैन से दुनिया को चूस रहा है! 25 पॉइंट्स दिए जा रहे हैं-पढ़ने हेतु एक पूर्व नियोजित षड्यंत्र है-कोरोना चीन की राजधानी बीजिंग/शंघाई में…
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वायरस से बर्बादी का बड़ा कारण है-चटोरापन। बेजुबान पशु-पक्षियों का रोना ही-कोरोना या कीड़ों का रोना है-
कबीर दास जी ने लिखा है… दुर्बल को न सताइये, जा की मोटी हाय। बिना जीव की श्वास से, लोह भसम हो जाय।। इसका अर्थ सभी को मालूम होगा। विश्व में फैली इस महामारी कोरोना वायरस के बारे में जाने कुछ नई बातें-पहली बार…. ए न्यू अप्रोच नामक एक शोधकीय पुस्तक में लिखा है कि- वर्तमान में…
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काफी समय पूर्व लिखा गया यह लेख अमॄतम पत्रिका से साभार….. यह बहुत रोचक, ज्ञानवर्द्धक है।
भोलेनाथ ही राहु हैं। यह रुद्र रूप में विनाश, संहार कर्ता हैं और शिव रूप में करुणामयी होकर जगत का कल्याण कर सुख-सम्पनता देते हैं- जरूर सरसरी निगाह डाले एक बार इस ब्लॉग में पड़ेंगे सब कुछ पहली दफ़ह ■ राहु-शनि का षष्टाष्टक विश्व-विनाश के योग बना रहा है। ■ ज्योतिष के आईने में कोरोना। ■ राहु के…
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तुम न सो जाना
अँधेरी रात में चन्दा निहारो तुम सो न जाना सजी तेरे लिए मुझको संवारो तुम न सो जाना किसी ने है पुकारा आ चली आ दिल डगर में बिठा कर आप मन में जान वारो तुम न सो जाना पसरता मौन चारों ही दिशाओं में सजनवा जब नयन के कोर में छिप कर इशारो तुम…
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