-

उत्तरांचल के गुमनाम सिद्ध स्थान। उत्तराखंड तीर्थ यात्रा पार्ट-6
कालसर्प-पितृदोष दूर करने वाला शर्तिया तीर्थ स्थान, जो पिथौरागढ़ से करीब 90 किलोमीटर दूर है। पिंगल नागदेव मंदिर के बारे में जाने- उत्तरांचल की शिवभूमि में थलकेदार बेरीनाग, डीडीहाट और बागेश्वर जिले के कांडा-कमेड़ीदेवी क्षेत्र में कभी सिद्ध और मणिधारी नागों का आधिपत्य था। इस जगह अभी भी नाग के अवशेष देखने को मिल जाते…
-

उत्तराखं के चमत्कारी गुमनाम तीर्थ पार्ट-5
उत्तरांचल की देवभूमि में शापित जगह भी हैं, तो वरदान और आर्शीवाद वाले स्थान भी- जिस क्वीरा गाँव के खेत-खलिहानों में कभी धान की फसलें लहलहाया करती थी, वे अब बंजर भूमि हो चुकी है। उत्तराखंड के भीमताल क्षेत्र में कुछ ऐसे शापित स्थान भी हैं जिसे गोल्जू नाग देव के नाम से प्रसिद्ध ने…
-

उत्तराखंड के चारों धाम का रहस्य पार्ट-4
मप्र के मालवा से गहरा नाता है- उत्तराखंड का, क्योंकि भगवान शिव के बाद दूसरे घर-जमाई बने थे, मालवा के राजकुमार- ये बात तो जगतविख्यात है कि भगवान शिव का दूसरा विवाह हिमालय की पुत्री माता पार्वती के साथ हुआ था और हिमालय उत्तर की तरफ, उत्तराखंड से सटा हुआ है। दक्षिण भारत के ग्रंथों में…
-

उत्तराखंड में विराजे-,बद्रीनाथ की यात्रा पार्ट-3उत्तराखंड में विराजे-,बद्रीनाथ की यात्रा पार्ट-3
पार्ट-1 और पार्ट-2 बद्रीनाथ यात्रा में जो अपने नहीं पढ़ पाया वही कुछ और अधूरी जानकारी प्रस्तुत है। आगे शेष पार्ट-4 में दिया जाएगा। बद्रीनाथ की यात्रा सफल हो, शुभदायक हो, कष्ट-गरीबी मिटे इसके लिए इसका अध्ययन जरूरी है। बिना ज्ञान के अभाव में अक्सर लाभ की जगह हानि होती है। बद्रीविशाल देते हैं सजा…
-

उत्तराखंड-,बद्रीनाथ के सन्त, जिनकी सिद्धियों का कोई अंत नहीं है। पार्ट-1
बद्रीनाथ के और भी सन्तों के बारे में अगले ब्लॉग पार्ट -2 में बताया जाएगा सिद्ध सन्तों का सन्सार है- उत्तराखंड इकहरा शरीर, जर्जर काया, पास नहीं कोई माया, केवल शिव की छाया केवल ईश्वर ही उन्हें भाया और मुख पर तपस्या का तेज, लंबी जटाएं, भरी दाढ़ी, उनकी जिद्दी शिव भक्ति, उनका हठयोग जुनून…
-

उत्तराखंड के सिद्ध 108 नाग मन्दिर
जानिए उत्तराखण्ड के प्रमुख धाम निम्नलिखित सभी मन्दिरों के बारे में सब कुछ बताया जाएगा। अमृतमपत्रिका पढ़ते रहें www.amrutampatrika.com {{१}} चार छोटे धाम – गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, और बद्रनाथ। {{२}} पंचकुण्ड – तप्तकुण्ड, नारथकुण्ड, सत्यपथकुण्ड, मानुसीकुण्ड, त्रिकोणकुण्ड। {{३}} पंचधारा – प्रहलाद धार, कूर्मुधारा, उर्वशीधारा, वसुधारा, भृगुधारा {{४}} पंचकेदार – केदारनाथ, तुंगनाथ, मदमहेश्वर नाथ, रुद्रनाथ, कल्पेश्वरनाथ। {{५}} पंचबद्री – बद्रीनाथ, आदिबद्री, भविष्यबद्री, वृद्धबद्री, योगध्यानबद्री। बद्रीनाथ धाम के…
-

केदारनाथ के अलावा एक ओर थलकेदार शिंवलिंग है-उत्तराखंड
पिथौरागढ़ का थलकेदार स्वयं प्रकट शिंवलिंग, जो ज्योतिष से सम्बंधित है- उत्तराखंड का पिथौरागढ़ प्राचीन तीर्थपीठ है। वहाँ बहुत से अनोखे और अदभुत शिवमंदिर हैं। हम आज आपको एक दुर्लभ शिंवलिंग के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। शायद अभी तक थलकेदार शिवालय के बारे में कम ही सुना…
-

कालसर्प के निर्माता राहु ग्रह के इन 4 मंदिरों के बारे में जानकर आप रोमाँचित हो जाएँगे
दुर्भाग्य किसे कहते हैं? दुर्भाग्य का अर्थ है- जो लोग मेहनत, भाग-दौड़ से दूर भागते हैं, उनसे भाग्य दूर हो जाता है। इसे ही दुर्भाग्य कहते हैं। आलस्य-प्रमाद, सुस्ती और दूरदृष्टि की कमी के कारण जीवन परेशानियों से घिर जाता है। दुर्भाग्य का कारण– पूर्व जन्म के पाप-पश्चाताप, माँ, बहिन, पत्नी या अन्य दुर्गा स्वरूप…
-

शिव-शिव शम्भू महाकाल भजो, होगा बेड़ापार । !!नमः शिवाय!! का जाप करो, तो शक्ति मिले अपार।। भगवान शिव के बारे में, पुराणों से पार्ट-2
भगवान शिव के परम् शिष्य श्रीहरि हैं। प्रथ्वी-प्रकृति को हरा-भरा बनाये रखना विष्णुजी की जिम्मेदारी है, इसलिए इन्हें श्रीहरि कहा जाता है और भगवान शिव सबके दुःख-दर्द हरते हैं इसी कारण इनका एक नाम “हर” है। हरिहर का उच्चारण करने से शिव-विष्णु दोनो की पूजा हो जाती है। धर्मग्रंथों में लिखा है कि-भगवान विष्णुजी वैष्णव शिरोमणि हैं – वैष्णवानाम…
-

!!ॐ नमः शिवाय!! मन्त्र के बारे में बहुत ही दुर्लभ जानकारी पहला भाग पार्ट -1
सब चिन्ता मिट जाती है, और मिट जाता है डर शिव के साधक इस दुनिया में भटके न दर दर भगवान शिव शान्ति, सुख-सम्पन्नता, ऐशवर्य का महाकोष हैं। !!ॐ नम: शिवाय!! पंचाक्षर मन्त्र यानि पाँच अक्षर के मन्त्र के जाप द्वारा हम अपने भीतर एक अपार ऊर्जा, सिद्धियों का भण्डार और चुंबकीय शक्ति को विकसित कर…
Talk to an Ayurvedic Expert!
Imbalances are unique to each person and require customised treatment plans to curb the issue from the root cause fully. Book your consultation – download our app now!
