-

लहसुन को महाऔषधि एवं रसोन क्यों कहते हैं। फायदे पढ़कर हो जाएंगे हैरान…
सुबह-शाम खाली पेट खाएं एक पोथी लहसुन, बीमारियां रहेंगी कोसो दूर सुबह खाली पेट खाएं किंतु कम मात्रा में। सुबह खाली पेट केवल एक ही पोथी सादे जल से लेना लाभकारी होता है। इससे अधिक लेना विष कारक हो जाता है। यह गर्म होने ह्रदय को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए कम से कम ही लेवें। रात…
-

कच्ची गाजर, मुरब्बा और जूस के 19 जबरदस्त चमत्कार परिणाम और जाने आंखों की परेशानी से मुक्ति के 18 उपाय…
!- आयुर्वेदिक ग्रन्थ रस-तन्त्र सार, !!- आयुर्वेद सार संग्रह !!!- वृहद भावप्रकाश निघण्टु !v- चरक सहिंता आदि में वर्णित ओषधियों एवं गाजर मुरब्बे के उपयोग से इम्युनिटी बढ़ाकर अपनी आंखों की चिकित्सा घर बैठे कर सकते हैं। गाजर आंखों की सर्वश्रेष्ठ सब्जी और औषधि है। गाजर के बारे में यह लेख 16 से ज्यादा प्राचीन आयुर्वेदिक तथा प्राकृतिक ग्रन्थों से लिये…
-

एकादशी का व्रत बनाता है-समृद्ध और धनवान।जीवनभर सुखी व स्वस्थ्य बने रहेंगे। और जाने विष्णु के 1100 साल प्राचीन मन्दिर के बारे में।
बस एकादशी को चावल न खाएं। यह जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें.. वैदिक धर्मग्रन्थों के मुताबिक जो भी प्राणी वर्ष के २४ एकादशी व्रत रखता है। वह जीवन में कभी भी स्वास्थ्य तथा समृद्धि जैसी परेशानियों या संकटों से नहीं जूझता और उसके जीवन में धन और समृद्धि बनी रहती है। विष्णु पुराण के…
-

मात्र आयुर्वेद दवाओं से ही मिटाया जा सकता है-अर्श, पाइल्स। जाने- बवासीर के 153 लक्षण व कारण-
अर्श-बवासीर की परेशानी की वजह से कोई भी पीड़ित अच्छे मन या ठीक ढंग से कोई कार्य नहीं कर पाते, इस वजह से भाग्यशाली मनुष्यों की भी तकदीर खराब हो जाती है। पाइल्स की बीमारी से रोगी दुर्भाग्य का शिकार हो जाता है। (वैद्यक चिकित्सा सार शास्त्र) बवासीर से राहत पाने के लिए एक अदभुत ओषधि तेल का उपयोग…
-

फेफड़ों/लंग्स की खराबी के कारण बढ़ रहीं है-हजारों बीमारियां। आलस्य की मुख्य वजह भी है कफदोष…
फेफड़ों /लंग्स की खराबी एवं कफ बढ़ने से होते है 45 से ज्यादा रोग। यह लेख काफी लंबा है। इसे आयुर्वेद के लगभग ८८ प्राचीन ग्रन्थ-शास्त्र, उपनिषदों से संकलित किया है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए सहायक है। कफ-कोप का समय, कारण, लक्षण, कफ रोग की पहचान (सिम्टम्स) और उपचार, निदान। सर्दी-खांसी, जुकाम एवं ५ प्रकार का फेफड़ों…
-

22 तरह के ज्वर/मलेरिया, डेंगू फीवर का शर्तिया आयुर्वेदिक इलाज-फ्लूकी माल्ट…
दुनिया में अधिकतर 80 से 90 फीसदी मरीजों में ज्वर/फीवर की वजह संक्रमण (Infection) है! लगातार पेट की खराबी भी ज्वर की उत्पत्ति करता है। आधि- व्याधि की वजह क्या है…. वैद्याः वदन्ति कफपित्तमरुद्विकारान् ज्योतिर्विदो ग्रहगतिं परिवर्तयन्ति । भूताभिषंग इति भूतविदो वदन्ति प्रारब्धकर्म बलवन्मुनयोः वदन्ति।। अर्थात- अस्वस्थ्य या पीडा होने पर वैद्य कहते हैं कि…
-

घरेलू उपायों से भी बालों को काला किया जा सकता है। बनाये यह देशी काढा…
बाल काले करने वाले मुख्य घटक इस प्रकार हैं… रतनजोत, मेथीदाना, कलौंजी, आँवला, शिकाकाई, मेहंदी, नागरमोथा, विभितकी तथा जटामांसी इन सभी को सम्भाग लेकर.. 16 गुना पानी में 36 घण्टे तक किसी लोहे की कढ़ाही में गलने देंवें। फिर इसे एक चौथाई रहने तक उबालकर छाने। छानने के बाद इसमें 5 ग्राम जमालघोटा मिलाकर इस…
-

116 तरह के बनते हैं हलुए…
उत्तर भारत के सर्दी के सीजन में सभी को गजीर, बादाम, अखरोट, मूंग की दाल, चिरौंजी, चने की दाल, पिस्ता एप्रिकॉट, करांची हलुआ, खजूर का हलवा और हब्शी हलवा आदि का हलवे के गुण और उसकी तासीर स्मरण आने लगती है। कुछ काल पूर्व ये सभी हलुआ घर पर ही बनाये जाते थे। आजकल हममें…
-

चुटकी भर राई से करें करोड़ों की कमाई…
दुर्भाग्य-दरिद्रता भी मिटाती है-राई राई का कमाल, जो कर देगा निहाल… राई द्वारा बुरी नजर भी उठाने की परंपरा भी पुरानी है। राई भी एक प्राकृतिक ओषधि है। जाने-क्यों कैसे?.. राई काली, पीली और लाल तीन तरह की होती है। राजी, राजिक, तीक्ष्णगन्धा, क्षुज्जनिका, आसुरी, क्षव, क्षुताभिनजक, कृमिका, कृष्ण सर्षप ये राई के संस्कृत नाम है।…
-

कलश ड्थपन की वैदिक विधि-विधासन जाने..
शिव सहिंता, कालितन्त्र, कठोउपनिषद, मन्त्र-मातृकाओं के रहस्य, दुर्गा रहस्य, नवशक्तियों के चमत्कार, श्रीसूक्त रहस्य आदि प्राचीन ग्रन्थों और यतपिण्डे-तत्ब्राह्मांडे के अनुसार मानव मस्तिष्क ही कलश का प्रतिरूप है। हमें इस मस्तिष्क रूपी कलश में सन्सार 2727 नदियों का आव्हान कर अपने तन-मन की मलिनता को साफ करना ही वैदिक कलश स्थापना है। जगतगुरू आदि शंकराचार्य…
Talk to an Ayurvedic Expert!
Imbalances are unique to each person and require customised treatment plans to curb the issue from the root cause fully. Book your consultation – download our app now!
