-

हमेशा कब्ज रहती हो, तो करें ये घरेलू उपाय………
10 मुनक्के 2 हरड़ छोटी 1 ग्राम अमलताश गूदा जीरा, अजवाइन, सौंफ, धनिया सभी आधा-आधा ग्राम रात को किसी मिट्टी के पात्र में 200 ML सादे जल में गलाकर छोड़े और सुबह इनका रस निकाल कर …. फ्रेश होने के बाद इसे खाली पेट पिये! इससे धीरे-धीरे कब्ज की समस्या के साथ पित्त की समस्या…
-

मनुष्य का हर चरण… पर्यावरण बचाने उठे, ऐसी भावना सभी में जागृत हो..…
05 जून “पर्यावरण दिवस” की अन्तर्मन से शुभकामनाएं — स्वस्थ्य रहने के लिए आचरण और पर्यावरण की शुद्धि-पवित्रता जरूरी है। अतः प्रकृति/पृथ्वी/धरती माँ को प्रदूषण के आक्रमण से बचाना हम सबकी जबाबदारी है…. इंसान का निर्माण कैसे हुआ?…. ¶ आकाश से आशा-विश्वास-भरोसा, ¶ सूर्य से अग्नि-रोशनी-ऊर्जा, ¶ वायु से आयु-जीवन ! ¶ नदियों से…
-

जाल और मायाजाल का फेर क्या है?….
यह जबाब कुछ व्यंग्यात्मक शैली में। जिंदगी शातिर है जाल बुनने में। माल आने से पहले ही हलाल कर देती है।। जाल के अलावा एक सांसारिक मायाजाल और है, जिसमें सब जलचर, थलचर आदि से सभी प्राणी परेशान हैं। मायाजाल के बारे में इस लेख के सबसे अंत में पढ़ें। अभी इस व्यंग्य का आनद…
-

लकवा या पक्षाघात यानी पैरालाइसिस पांच प्रकार के होते हैं ………
अमृतम आयुर्वेद के अनुसार लकवा-पक्षाघात पांच के प्रकार के होते हैं — लकवा को पैरालाइसिस भी कहते हैं। आयुर्वेद के ग्रन्थ चरक सहिंता में यह 88 तरह वात विकारों में एक बताया है। आयुर्वेद में ८८ वतव्यधियों के लिए ८८ प्रकार की औषधि, जड़ीबूटियों का वर्णन है। अष्टाङ्ग ह्रदय, शारीरिक विज्ञान व चिकित्सा, चरक सहिंता,…
-

कब्ज या कॉन्स्टिपेशन का स्थायी इलाज….
10 मुनक्के एक अंजीर 200 ml दूध में 1200 ml पानी मिलाकर इन्हें आधा होने तक उबाले और मुनक्के, अंजीर खाते जाएं एवं एक एक घूँट दूध पीते जाएं। 2 घण्टे तक पानी न पिएं। इसके बाद अमृतम Keyliv (Strong Syrup) स्ट्रांग सिरप 15 से 20 ml 300 ml पानी में डालकर पियें। इससे कुछ…
-

हिलते हुए दांत, कमजोर मसूड़े और मुंह को मजबूत बनाने के कुछ घरेलू उपाय बताएं हैं……
आयुर्वेदिक ग्रन्थ आयुर्वेद सार संग्रह, अष्टाङ्ग ह्रदय, आयुर्वेद चंद्रोदय आदि किताबों में दांत-मसूड़ों को मजबूत बनाने के कुछ घरेलू उपाय बताएं हैं- जिन्हें आजमाकर देख सकते हैं। निम्नलिखित ये 15 उपचार आपके दांतों को राहत दे सकते हैं। 【1】पेस्ट छोड़कर नीम, बबूल की दातुन करें। 【2】आयुर्वेदिक ओषधि युक्त डेन्ट की मंजन amrutam Dentkey manjan तनिष्का (अग्नितत्व) उंगली…
-

मौन सबसे बड़ा तप है……
आयुर्वेद के चरक सहिंता के अनुसार बोलने का कार्य उदान वायु करती है। शरीर को बलवर्ण प्रदान करने का कार्य भी उदान वायु का ही होता है। ज्यादा बोलने के कारण इस वायु में क्षीणता आने से व्यक्ति के बल और वर्ण यानी रंग-रूप बिगड़ने लगता है। अधिक बोलने से उत्तरोत्तर शारीरिक एवं मानसिक दौर्बल्य…
-

जाने क्या है कमर-गर्दन दर्द और थायराइड…..
हमारा मनोबल, आत्मविश्वास और इच्छाएं हमारी जीवन शक्ति को दिशा-निर्देश देती हैं। यही इच्छाएं इस शक्ति को समय-समय पर कम-ज्यादा करती रहती हैं। एक वक्त इस भी आ जाता है, जब यह ताकत पूर्णतया समाप्त होने लगती है। ऐसे समय शरीर में सबसे पहले लक्षण थकावट, आम कमजोरी, किसी काम में मन न लगना, पिला…
-

भगवान परशुरामजी के अनसुनी शास्त्र……..
जाने-बहुत सी अनसुलझी जानकारी… भगवान परशुराम के बारे में दुर्लभ जानकारी पढ़े… महादेव के परम शिष्य भगवान परशुराम अग्नि उपासक थे, इसी कारण उनका स्वभाव क्रोधी था। सृजन-पालन और संहार तीनो शक्तियों का पालन करते थे। “परशुराम शतक ग्रन्थानुसार”– मुंबई से कन्याकुमारी तक के क्षेत्र को 8 कोणों में विभाजित कर सूर्याष्टक प्रान्त बनाया था।…
-

आयुर्वेद में फैटी-विकृत लिवर का इलाज…………
लिवर की कोशिकाओं में अधिक मात्रा में फैट जमा होने से लीवर में सूजन आने लगती है या यकृत का साइज बढ़ जाता है। फैटी यकृत के लक्षण….. ■ पेट के दाएँ भाग के ऊपरी हिस्से में दर्द ■ वजन में गिरावट ■ कमजोरी महसूस करना ■ आँखों और त्वचा में पीलापन दिखाई देना ■…
Talk to an Ayurvedic Expert!
Imbalances are unique to each person and require customised treatment plans to curb the issue from the root cause fully. Book your consultation – download our app now!
