Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • ईश्वर-भगवान की भी मजबूरी है। जाने क्यों?

    ईश्वर-भगवान की भी मजबूरी है। जाने क्यों?

    सारा संसार एक दूसरे से जुड़ा या बंधा हुआ है अथवा ये माने कि सभी पर एक के ऊपर एक अंकुश है। कंट्रोल है। हमारा तन ही एक दूसरे के अंकुश में है। जैसे- 【१】शरीर पर इंद्रियों का कंट्रोल है। 【२】इंद्रियों पर मन का अंकुश है। 【३】मन पर बुद्धि का! 【४】बुद्धि पर चित्त का! 【५】चित्त…

  • पानी की दीवानी धरती माँ को नमन करें। पानी पीने से जवानी बनी रहती है…..

    पानी की दीवानी धरती माँ को नमन करें। पानी पीने से जवानी बनी रहती है…..

    नाना-नानी की जुबानी पानी की कहानी अति प्राचीन है.. ¶ पानी पीने के फायदे, ¶ पानी से जल चिकित्सा, ¶ पानी के चमत्कारी लाभ जाने इस ब्लॉग में….   पानी को पीना कभी न भूले- याद रखने के लिए करें ये 14 उपाय…. 【१】पानी की एक बोतल सदैव साथ रखें 【२】सुबह उठते ही दिन का प्रारम्भ पानी पीने से…

  • भारत की भाजी और देशी खाओ-स्वदेशी अपनाओ, अब चीनी-चूतियों (विदेशियों) से पीछा छुड़ाओ….

    भारत की भाजी और देशी खाओ-स्वदेशी अपनाओ, अब चीनी-चूतियों (विदेशियों) से पीछा छुड़ाओ….

    क्यों है मेरा भारत महान….?  दुनिया में ये सब मिलना दुर्लभ है….. भारत की ●दवाई, ●बाई, ●दाई, ●नाई,  ● लाई (मुरमुरा) ●तालाबों की काई, ● गणित की इकाई, दहाई, ●शादी से पहले आशनाई, ●सगाई, ●दूध की मलाई, ●हलवाई,   ●पुताई,  ●ब्याही, ●तरकाई, ●ठगियाई,  ●विदाई,   ●जमाई, हमारे भिण्ड, मुरैना, ग्वालियर में बात-बात पर हाथापाई, दमन्गाई ●पराई के कारण लड़ाई,   ●पिटाई,  ●कुटाई,  ●सुताई,  ●ठुकाई, ●जुदाई, ●जेल से रिहाई, ●पुरानीआनापाई …

  • 42 बेहतरीन दुर्लभ बातें- १८ पुराणों से जाने…..देवी-देवताओं को जल्दी प्रसन्न करने का उपाय-

    42 बेहतरीन दुर्लभ बातें- १८ पुराणों से जाने…..देवी-देवताओं को जल्दी प्रसन्न करने का उपाय-

    किस देवता को क्या पसंद है- 18 पुराण 18 देवी-देवताओं को समर्पित हैं। इन सभी पुराणों में 18 प्रकार के देवताओं के बारे  में उनकी शक्ति, पूजा-विधान, मन्त्र आदि का विस्तार से वर्णन है। शिवपुराण में शिव के विषय में गहन ज्ञान लिखा है। स्कन्ध पुराण में भगवान कार्तिकेय, मोरगन स्वामी एवं मङ्गल के बारे…

  • आयूर्वेदाचार्य महर्षि चरक ने ५००० हजार साल पहले ही खोज लिए थे 88 प्रकार के वातविकार- अमृतम के इस ब्लॉग में अर्थ सहित जानिए.. ८८-वात रोगों के नाम-काम-

    आयूर्वेदाचार्य महर्षि चरक ने ५००० हजार साल पहले ही खोज लिए थे 88 प्रकार के वातविकार- अमृतम के इस ब्लॉग में अर्थ सहित जानिए.. ८८-वात रोगों के नाम-काम-

    वायु ही समस्त चराचर जीव-जगत को चलायमान रखती है। फुर्ती-स्फूर्ति देना, बोलना, सुनना एवं जीवन को जीवन्त बनाये रखना वायु का ही कार्य है। वायु या वात के दूषित, अंसतुलित होने से अनेकों वातव्याधि, उदररोगों   से घिरकर बर्बाद हो जाता है। बिगड़ा वात, बात-बात पर गुस्सा, भय-भ्रम, चिन्ता, तनाव, कर्महीनता, कामहीनता (सेक्सुअल वीकनेस),  महिलाओं में मोनोपॉज, मासिक धर्म आदि समस्याओं को…

  • क्या आप मोटापे से परेशान हैं… जाने चर्बी, थोन्द घटाने के आयुर्वेदिक उपाय….

    क्या आप मोटापे से परेशान हैं… जाने चर्बी, थोन्द घटाने के आयुर्वेदिक उपाय….

    आयुर्वेदिक औषधि जिसके  १५ फायदे, वसा कम करने में  सहायक हैं… प्राचीन काल के जाने माने जैव-चिकित्सक एवं आयुर्वेद की प्रसिद्ध कृति “निघण्टु” के लेखक वैद्यराज श्री ज्वालाप्रसाद जी ने अपनी पुस्तक की भूमिका में लिखा है मोटापा घटाने, चर्बी कम करने हेतु  व्यायाम, लंघन, खर्चीले  और दर्द भरे शल्यचिकित्सा  के बिना भी आयुर्वेदिक औषधियों के अनुपान भेद…

  • १८ पुराणों से जाने…..हिन्दू धर्म के 45-देवी-देवताओं को जल्दी प्रसन्न करने का उपाय…..

    १८ पुराणों से जाने…..हिन्दू धर्म के 45-देवी-देवताओं को जल्दी प्रसन्न करने का उपाय…..

    अघोरी-अवधूत कहतें हैं- भोग लगे या रूखे सूखे, शिव तो हैं श्रद्धा के भूखे।   पहली बार एक दुर्लभ और रहस्यमयी बातें जानेंगे इस ब्लॉग में…… किस देवता को क्या पसंद है- सभी सनातन धर्मी जानते हैं कि हिन्दुधर्म के 18 पुराण अट्ठारह देवी-देवताओं को समर्पित हैं। इन सभी पुराणों में 108 से अधिक देवताओं के…

  • आयुर्वेद को हर्बल क्यों कहतें हैं?

    आयुर्वेद को हर्बल क्यों कहतें हैं?

    अथर्ववेद के अनुसार- आयुर्वेद देह में रोगप्रतिरोधक क्षमता यानि इम्युनिटी  कमजोर करने वाले विषाणुओं-कीटाणुओं नाश कर शरीर को संक्रमित होने बचाता है! ● अमृतम आयुर्वेद यह वात-पित्त कफ (त्रिदोष) को सन्तुलित कर तन-मन-अन्तर्मन को विकार रहित बनाने में सहायक है। ●● शरीर में शक्ति, स्फूर्ति हर-बल देने के कारण इसे हर्बल कहतें हैं। ●●● आयुर्वेद वैदिक परम्परा के साथ-साथ स्वास्थ वर्द्धक और हानिरहित चिकित्सा पध्दति है……

  • अमृतम के एकल चूर्ण ऑनलाइन उपलब्ध हैं…..

    अमृतम के एकल चूर्ण ऑनलाइन उपलब्ध हैं…..

    आयुर्वेदिक की प्रत्येक जड़ीबूटियों में अनेक गुण होते हैं। अकेली एकल ओषधि के सेवन से उदर रोग,आंतों की बीमारियां, गुदा, गुर्दा व यकृत रोग कभी होते ही नहीं हैं। भारत के बहुत सी प्राचीन पुस्तकों में एकल बूटी के उपयोग स्वास्थ्य को बनाये रखने के साथ साथ ग्रहदोष बाधा मायतने, तन्त्र, मन्त्र के लिए बताया…

  • भोजन में विष का पता कैसे लगाएं….

    भोजन में विष का पता कैसे लगाएं….

      !!★★★ॐ★★★!! हर शब्द अमृतम…. हमारा भोजन जहरीला भी हो सकता है। पता लगाने के लिए पढ़े पुराणों में लिखी की पुराने महर्षि, वैज्ञानिक रिसर्च, खोज, शोध एक दम नवीन जानकारी- मत्स्य पुराण में एक श्लोक के अनुसार… !!चकोरस्य विरज्येते नयने विष दर्शनार्थ!!  अर्थात- अन्न आदि खाद्य-पदार्थों तथा खाने-पीने, भोजन में यदि विष मिला है,…