Category: Amrutam Daily Lifestyle
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उत्तराखंड के तीर्थ, शक्तिपीठ और स्वयम्भू शिवालय
श्रीराम भक्त श्री हनुमानजी को यहां मिली थी संजीवनी बूटी- राम-रावण युद्ध के समय श्रीराम के अनुज लक्ष्मण जब – मेघनाथ के शक्ति बाण से तरह घायल हो गए थे। यह सत्यकथा लगभग हर हिन्दू को मालूम है। संजीवनी बूटी से किया था इलाज- उस समय के जाने-माने वैद्यराज श्री सुषुण ने बजरंगबली से उत्तराँचल…
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क्या आपको मालूम है-हर महीने आती है शिवरात्रि
क्या आपको मालूम है-हर महीने आती है शिवरात्रि सबके सभी कष्ट काटने के कारण भोलेनाथ के लिए कहते हैं- “शंकर संकट हरणा” हर महीने अमावस्या से एक दिन पूर्व चतुर्दशी (चौदस) की रात …
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जाने-राहु शिंवलिंग के बारे में
मन्त्रमहोदधि ग्रन्थ के अनुसार राहु ग्रह के शिंवलिंग की पूजा शनि, राहु और केतु जैसे क्रूर ग्रह-नक्षत्रों के दुर्लभ रहस्य तथा राहुकी तेल के विषय में जानने के लिए एवं कालसर्प-पितृदोषों से मुक्ति पाने के लिए पढ़े “अमृतमपत्रिका” www.amrutampatrika.com ग्रुप से जुड़कर पाएं बहुत सी दुर्लभ जानकारियां। ध्यान देवें- आप बिना खर्च के छोटे-छोटे प्रयोगों, उपायों तथा पूजा के…
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बड़े से बड़ा कष्ट काटने वाला मन्त्र
एक मन्त्र-जो 16 तरह की भयंकर दुःख-तकलीफों से तुरन्त राहत देता है– !!यह कथा शिवमहापुराण की है!! भगवान शिव के परम भक्त श्री वृषभ देव यानि नन्दीजी ने महादेव से जानना चाहा कि “हे नीलकण्ठ भोलेनाथ!” 【१】जब कोई व्यक्ति बहुत कष्ट में हो अर्थात उसकी चारों और से दुर्गति हो रही हो, 【२】हर रात में बुरे सपने…
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वृक्ष हमें स्वस्थ्य बनाते हैं
“पर्यावरण दिवस” की अन्तर्मन से शुभकामनाएं — संस्कृत का एक श्लोक है कि: 【】दस कुओं के बराबर एक बावड़ी होती है । 【】दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब है, 【】दस तालाबों के बराबर एक पुत्र है, 【】दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष है! अतः वृक्षों को वन-जंगल, नदी-तालाब किनारे, शहर-ग्रामों, घर-भवन में तथा खेत-खलियान की…
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उत्तराखंड के सिद्ध 108 नाग मन्दिर
जानिए उत्तराखण्ड के प्रमुख धाम निम्नलिखित सभी मन्दिरों के बारे में सब कुछ बताया जाएगा। अमृतमपत्रिका पढ़ते रहें www.amrutampatrika.com {{१}} चार छोटे धाम – गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, और बद्रनाथ। {{२}} पंचकुण्ड – तप्तकुण्ड, नारथकुण्ड, सत्यपथकुण्ड, मानुसीकुण्ड, त्रिकोणकुण्ड। {{३}} पंचधारा – प्रहलाद धार, कूर्मुधारा, उर्वशीधारा, वसुधारा, भृगुधारा {{४}} पंचकेदार – केदारनाथ, तुंगनाथ, मदमहेश्वर नाथ, रुद्रनाथ, कल्पेश्वरनाथ। {{५}} पंचबद्री – बद्रीनाथ, आदिबद्री, भविष्यबद्री, वृद्धबद्री, योगध्यानबद्री। बद्रीनाथ धाम के…
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केदारनाथ के अलावा एक ओर थलकेदार शिंवलिंग है-उत्तराखंड
पिथौरागढ़ का थलकेदार स्वयं प्रकट शिंवलिंग, जो ज्योतिष से सम्बंधित है- उत्तराखंड का पिथौरागढ़ प्राचीन तीर्थपीठ है। वहाँ बहुत से अनोखे और अदभुत शिवमंदिर हैं। हम आज आपको एक दुर्लभ शिंवलिंग के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। शायद अभी तक थलकेदार शिवालय के बारे में कम ही सुना…
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कालसर्प के निर्माता राहु ग्रह के इन 4 मंदिरों के बारे में जानकर आप रोमाँचित हो जाएँगे
दुर्भाग्य किसे कहते हैं? दुर्भाग्य का अर्थ है- जो लोग मेहनत, भाग-दौड़ से दूर भागते हैं, उनसे भाग्य दूर हो जाता है। इसे ही दुर्भाग्य कहते हैं। आलस्य-प्रमाद, सुस्ती और दूरदृष्टि की कमी के कारण जीवन परेशानियों से घिर जाता है। दुर्भाग्य का कारण– पूर्व जन्म के पाप-पश्चाताप, माँ, बहिन, पत्नी या अन्य दुर्गा स्वरूप…
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शिव-शिव शम्भू महाकाल भजो, होगा बेड़ापार । !!नमः शिवाय!! का जाप करो, तो शक्ति मिले अपार।। भगवान शिव के बारे में, पुराणों से पार्ट-2
भगवान शिव के परम् शिष्य श्रीहरि हैं। प्रथ्वी-प्रकृति को हरा-भरा बनाये रखना विष्णुजी की जिम्मेदारी है, इसलिए इन्हें श्रीहरि कहा जाता है और भगवान शिव सबके दुःख-दर्द हरते हैं इसी कारण इनका एक नाम “हर” है। हरिहर का उच्चारण करने से शिव-विष्णु दोनो की पूजा हो जाती है। धर्मग्रंथों में लिखा है कि-भगवान विष्णुजी वैष्णव शिरोमणि हैं – वैष्णवानाम…
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!!ॐ नमः शिवाय!! मन्त्र के बारे में बहुत ही दुर्लभ जानकारी पहला भाग पार्ट -1
सब चिन्ता मिट जाती है, और मिट जाता है डर शिव के साधक इस दुनिया में भटके न दर दर भगवान शिव शान्ति, सुख-सम्पन्नता, ऐशवर्य का महाकोष हैं। !!ॐ नम: शिवाय!! पंचाक्षर मन्त्र यानि पाँच अक्षर के मन्त्र के जाप द्वारा हम अपने भीतर एक अपार ऊर्जा, सिद्धियों का भण्डार और चुंबकीय शक्ति को विकसित कर…
