Category: Uncategorized
-
जब हो थकान, तो करें अभ्यंग
ज्यादा भागम-भाग औऱ तनाव के चलते तन थकने लगता है, तो करें यह उपाय.. इस ब्लॉग के अंत में 3 लिंक दी गई हैं, जिसमें अभ्यंग के बारे में वह सब जानकारी हैं जिसे आज तक किसी ने भी पढ़ा नहीं होगा। अभ्यंग अर्थात- अभि+अंग = तेल की मालिश शरीर से आलस्य मिटाने और ऊर्जा-उमंग…
-
लंबे होंगे बाल
ये रेशमी जुल्फे न हों, तो सारी खूबसूरती धरी की धरी रह जाती है…. बाल लम्बे, मुलायम और चमकदार नहीं होंना भी मानसिक तनाव का एक कारण हैं। लगातार झड़ते केश, मन के लिए कष्ट एवं क्लेश कारक तो हैं ही, साथ ही बालों की समस्या की वजह से स्त्री-पुरुष अवसाद ग्रस्त होने लगते…
-

छोटी दीपावली एवं शिव जी का सिरदर्द
छोटी दीपावली की रात शिवरात्रि होती है। इसे कैसे मनाएं और उसका महत्व। एक औघड़दानी शिवभक्त ने भगवान शिव की उपासना इस प्रकार भाव्य-विभोर होकर की है। विशेष जानकारी… छोटी दीपावली की रात मास शिवरात्रि भी होती है। इसी दिन हनुमान जयंती भी होती है। इसे नरक चौदस भी कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने छोटी…
-

माँ तेरे रूप अनेक
महामाया की विचित्र माया…. 【१】दुर्गोपासना कल्पद्रुम 【२】देवी पुराण 【३】त्रिपुरा रहस्य नामक प्राचीन पुस्तकों में उल्लेख है कि… ■ वशीकरण की देवी माँ सरस्वती है ■ स्तम्भन की शक्ति देवी लक्ष्मी है। ■ विद्वेषण की ज्येष्ठा यानि धुमेश्वरी या दरिद्रा है ■ उच्चाटन की देवी माँ दुर्गा है। ■ मारण की माँ महाकाली है। यह जीवन…
-

5 तरह के ऋण न चुका पाने के कारण लगता है – पितृदोष
पार्ट-1, मातृऋण क्या आपको मालूम है- सन्सार में प्रत्येक प्राणी के ऊपर 5 प्रकार के ऋण हमेशा बने रहते हैं! 【१】मातृ ऋण यानि माँ का कर्ज 【२】पितृ यानि पिता का ऋण 【३】मनुष्य ऋण यानि मित्र, मजदूर, सहयोगियों के कर्जा 【४】देव ऋण 【५】ऋषि ऋण। इस लेख में हम सबसे पहले मातृ ऋण की चर्चा करेंगे। माँ…
-

श्राद्ध पक्ष में शांत करें पितृदोष
● कनागत या कड़वे दिन और श्राद्ध पक्ष का ज्योतिषीय एवं वैज्ञानिक महत्व और जाने ● सृष्टि के प्रथम पितृगण भगवान महादेव के साढू हैं ● राजा कर्ण लोटे थे प्रथ्वी पर… ● ग्रह-नक्षत्र भी बीमार होते हैं.. ● ईशानां सर्वविद्यानां-ईश्वरा सर्वभूतानां ● महादेव के वश में हैं पंचतत्व… ● श्राद्ध क्या है – ● अनंत चौदस का…
-

बनारस के 1100 स्वयम्भू शिंवलिंग की श्रृंखला
दुनिया का एक मात्र तीर्थ है-काशी जहां शिवलिंगों की स्थापना का श्रेय देवी-देवताओं, किन्नरों, दैत्यों, राक्षसों, अप्सराओं, ऋषियों एवं सन्त-महात्माओं और यति सन्यासियों को जाता है। ख़श में लगभग 21000 से भी अधिक शिव मंदिर हैं, जिसमें 1100 करीब स्वयम्भू होंगे पौराणिक साहित्य हो या वेद-पुराण, भाष्य, धर्मग्रन्थ, ब्राह्मण ग्रन्थ, उपनिषद में वाराणसी के स्वयम्भू…
-

नाग ही ‘राहु’ हैं
नाग ही ‘राहु’ हैं….. प्रलय,सँहार के पश्चात जब दुनिया में सब नष्ट हो जाता है, कुछ नही बचता,तब शेष बचता है, नाग (राहु) इसी कारण प्रतीक रूप में, “शेषनाग” की पूजा का विधान है। कैसे प्रसन्न हों राहु….. “शिव” पूजन से ही राहु प्रसन्न होकर अथाह सम्पदा का स्वामी बनाते हैं । राहु राह,रोकते…
-

बालों की कुदरती दवा
हमारा सिर ही सन्सार का सार है सिर और सिर का सार क्या है- देह यानि शरीर के सबसे ऊपरी हिस्से को सिर कहा जाता है। हमारा सिर ही तन और मन को चलाता है। ज्ञान-बुद्धि, विवेक,दिमाग, अक्ल,शिक्षा और समझाइश सब सिर में ही समाहित रहती है। सिर ही हमे सरताज बनाता है। नई सोच-नई खोज,…
-

कैसे करें-कालसर्प का उपचार
कैसे करें-कालसर्प का उपचार ऐसी मान्यता है कि- कालसर्प दोष…. वाले जातक या व्यक्ति बहुत दुर्भाग्यशाली होते हैं। कालसर्प से पीड़ित प्राणी जीवन में इतनी ठोकर खाते हैं कि… एक दिन वे स्वयं ठाकुरजी बनकर इस जीव-जगत का कल्याण करने लग जाते हैं। एक खतरनाक दुर्भाग्य दोष- कालसर्प दोष से दुखी व्यक्ति का भाग्य कभी साथ नहीं…
