• क्या आयुर्वेद में यौन शक्ति में वृद्धि का कोई इलाज है? “?

    क्या आयुर्वेद में यौन शक्ति में वृद्धि का कोई इलाज है? “?

    आयुर्वेद की काम शक्तिवर्द्धक ओषधियाँ शुक्राणु, काम शक्ति वृद्धि एवं वीर्य स्तंभन हेतु एक अद्भुत अमृतम योग श्री काशी संस्कृत “ग्रंथमाला” 161 के “वनोषधि-चंद्रोदय” भाग-2 (*AN ENCYCLOPAEDIA OF। INDIAN BOTANIES & HERBS) *लेखक- *श्री चन्द्रराज भण्डार* ‘विशारद’प्रकाशक- चौखम्बा संस्कृत संस्थानवाराणसी-221001 (भारत) एवं दूसरी पुस्तक औषधीय पादपों का कृषिकरण लेखक- डॉ.गुरपाल सिंह जरयाल। डॉ.मायाराम उनियाल। प्रकाशक- इंडियन…

  • सन्त शिरोमणि भक्त रैदास

    सन्त शिरोमणि भक्त रैदास

    !!मन चंगा तो कठौती में गंगा!! यह सूक्ति भक्त शिरोमणी रैदास की है।   अर्थात- जिस व्यक्ति का मन पवित्र होता है, उसके बुलाने पर मां गंगा भी एक कठौती (चमड़ा भिगोने के लिए पानी से भरे पात्र) में भी आ जाती हैं। अपनी निर्मल भक्ति के कारण आज ये अमर हैं। बहुत छोटी जाति…

  • जैन धर्म में मिच्छामि दुक्कड़म का मतलब क्या है?

    जैन धर्म में मिच्छामि दुक्कड़म का मतलब क्या है?

    यह धार्मिक संप्रदाय जैन धर्म(Jainism) की क्षमावाणी परंपरा है। आज संवत्सरी पर्व या पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन देश-दुनिया के प्राणियों को “मिच्छामी दुक्कड़म” कहकर पूर्व में हुई भूलवश गलतियों के फलस्वरूप मिच्छामी दुक्कड़म” एक सामुदायिक तरीके से व्यक्तिगत माफी की औपचारिकता है। यह मानवीय करुणा को बढाने का एक माध्यम है। इसमें एक संपूर्ण…

  • प्याज के 41 फायदे क्या हैं?

    प्याज के 41 फायदे क्या हैं?

    भारत वह देश है जहां प्याज-लहसुन खाने से पाप लगता, लेकिन बेईमानी, छल-कपट, भृष्टाचार करने से पाप नहीं लगता। !!पलाण्डु रक्षति, पल रक्षणे!! प्याज अनेक रोगों से रक्षा करता है। 18 पुराणों में से एक गरुड़पुराण में प्याज का पलाण्डुगुटिका के नाम से पूरा एक अध्याय है। इसे भगवान के नैवेद्य में कभी अर्पित नहीं करते हैं…

  • घबरायें नहीं! सावधानी बरतकर कोरोना की क्रूरता से स्वयं को और अपने परिवार को बचा सकते हैं!

    घबरायें नहीं! सावधानी बरतकर कोरोना की क्रूरता से स्वयं को और अपने परिवार को बचा सकते हैं!

    सन्सार के सभी धर्म-शास्त्र के प्रत्येक पात-पात पर लिखा है कि- स्वस्थ्य शरीर, मन को मजबूत कर मनोबल बढ़ाता है। इसके लिए अकेले दवा ही नहीं, दुआ और दम लगाकर कसरत, मेहनत करना भी जरूरी है। कफ-पित्त-वात के नाश होने से ही इम्युनिटी में वृद्धि होती है। कहने का आशय यही है यदि शरीर साथ दे, तो बात बनती चली जाती है अन्यथा…

  • पृथ्वी और तन का कवच किसे कहते हैं?

    पृथ्वी और तन का कवच किसे कहते हैं?

    ओजोन को पृथ्वी का कवच कहा जाता है। पृथ्वी कवच के बारे में भविष्यपुराण, स्कन्ध पुराण में संस्कृत के श्लोकों का उल्लेख मिलता है। अभी बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि तनरक्षक त्राण भी होते हैं। इस बारे में जाने पहली बार— सात त्राण – बचाएं प्राण… पहले समय में युद्ध के समय त्राण…

  • घर-परिवार में शांति, व्यापार में क्रांति और भय-भ्रम-भ्रंति मिटाने के लिए जरूर करें-पितृपक्ष में श्राध्द…

    घर-परिवार में शांति, व्यापार में क्रांति और भय-भ्रम-भ्रंति मिटाने के लिए जरूर करें-पितृपक्ष में श्राध्द…

    श्राध्द की सम्पूर्ण शास्त्रसम्मत समझाईस आप पहली बार पढ़ेंगे–सन 2020 में 1 सितम्बर से आरम्भ होकर–17 सितम्बर को समाप्त होंगे। पितृपक्ष हिंदुओं का महापर्व है– श्राद्ध को गरुड़पुराण में महापर्व इसलिए बताया है क्योंकि नवदुर्गा महोत्सव नौ दिन का होता है, दशहरा पर्व दस दिन का होता है, पर यह पितृ पक्ष सोलह दिनों तक चलता है।…

  • देश की आन-बान-शान……

    देश की आन-बान-शान……

    पूर्णतः बाग रहित क्षेत्र, किन्तु बागियों से भरा यह स्थान देश-दुनिया भर में बहुत प्रसिध्द है  । यहां बाग कम, बागी ज्यादा पाए जाते हैं  । सदियों से डकैत और बागी भिंड-मुरैना की पहचान है भिण्ड जिले का हर आदमी   भिड़ने-लड़ने  पर विश्वास करता है ।  कभी-कभी, तो   “आ बैल मोये मार”   …

  • कब लगाएं? सिर पर तेल- स्नान करने के पहले या स्नान करने के बाद?

    कब लगाएं? सिर पर तेल- स्नान करने के पहले या स्नान करने के बाद?

    बुधवार, शुक्रवार एवं शनिवार इन तीनों दिनों में सिर में तेल लगाने के साथ साथ पूरे शरीर की धूप में बैठकर मालिश कर स्नान करना बहुत ही फायदेमंद तथा सौभाग्यवर्धक रहता है। तेल नहाने के पहले या बाद में कभी भी लगा सकते हैं। लेकिन पूरे शरीर की मालिश करनी है, तो स्नान पूर्व ही…

  • पूरे शरीर पर खुजली है, कृपया कोई उपाय बतायें?

    पूरे शरीर पर खुजली है, कृपया कोई उपाय बतायें?

    शरीर में रक्त रोग, खुजली होने की बहुत सी वजह हैं। शरीर को स्वस्थ्य-प्रसन्न रखने हेतु अघोरी की तिजोरी से कुछ जबरदस्त घरेलू उपचार जानकर हैरान हो जाएंगे। लेख के अंत में देखें। रक्तविकार अर्थात त्वचारोगों के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार — त्वचा शरीर का सबसे बड़ा तंत्र है…. यह सीधे बाहरी वातावरण के…

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