• ग्वालियर मप्र के महान सूर्य उपासक, तपोनिष्ठ महर्षि ग्वालेर, ग्वाला ने खोजा था शून्य/जीरो…

    ग्वालियर मप्र के महान सूर्य उपासक, तपोनिष्ठ महर्षि ग्वालेर, ग्वाला ने खोजा था शून्य/जीरो…

    ■ संगीत सम्राट तानसेन की संगीत साधना स्थली विश्व विख्यात है। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर घराना सदियों से सम्मानित है। ■ देश-दुनिया में मोती वाले राजा के नाम से ख्यातिप्राप्त सिंधिया परिवार के माधो महाराज ने ग्वालियर को ब्रिटेन के तर्ज पर बसाया था। सिंधिया राजघराने के…

  • क्या कोई छठा तत्व है? यदि हाँ, तो क्या है?

    क्या कोई छठा तत्व है? यदि हाँ, तो क्या है?

    ध्यान-धैर्य-धर्म के 23 सूत्र और फायदे— छठा तत्व स्वयम इंसान है, जो अपनी साधना-उपासना से पांचों तत्वों को अपने वश में कर सकता है। वेदों में लिखा है- !!यत् पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे!! अर्थात सृष्टि/ब्रह्मांड में जो भी कुछ है, वह सब हमारे अंदर भी है। अपने मन-मस्तिष्क की शक्तियों को अपने अंदर ही समेट कर परमहंस बन सकते हैं। धैर्यपूर्वक ध्यान देंवें— सर्जन ओर विसर्जन में…

  • अगर आप को पता चले कि आप को करोना हो गया है तो आप सबसे पहले क्या करेंगे?

    अगर आप को पता चले कि आप को करोना हो गया है तो आप सबसे पहले क्या करेंगे?

    देश के जाने-माने चिकित्सकों ने कोरोना से बचने के कुछ विशेष तरीके सुझाएँ हैं। आप कुछ खास परम्परा गत उपाय अपनाकर कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रह सकते हैं- 1¶~ एकान्तवास, ध्यान। 2¶~ प्रातः ब्रह्म महूर्त में जागना। 3¶~ सुबह साढ़े जल 1 लीटर करीब पीना। (गर्म-गुनगुना नहीं पीना है।) 4¶~ सकारात्मक सोच, विचार। 5¶~ नियम…

  • परिजात का पौधा मोदीजी ने राममंदिर, अयोध्या में रोपित क्यों किया, जबकि अन्य वृक्ष भी थे?

    परिजात का पौधा मोदीजी ने राममंदिर, अयोध्या में रोपित क्यों किया, जबकि अन्य वृक्ष भी थे?

    परिजात शब्द का अर्थ भी जाने… पर्यावरण परिवार में इस जाति का अन्य कोई वृक्ष इस धरती पर उपलब्ध नहीं हैं। कल्पवृक्ष, कल्पलता, कल्पद्रुम, कायाकल्प, कल्पतरु, देववृक्ष, हरश्रृंगार आदि इसके अर्थ हैं। परिजात को प्रणाम— परिजात एक दिव्य वृक्ष है, जो सभी धर्म के देवी-देवताओं को प्रिय है। रात के समय इस वृक्ष को देखने…

  • आप भी अच्छा आयुर्वेदिक काढ़ा अपने घर में आसानी से बना सकते है?

    आप भी अच्छा आयुर्वेदिक काढ़ा अपने घर में आसानी से बना सकते है?

    सुरक्षित और स्वस्थ्य जीवन के लिए आयुर्वेद से इलाज करें। ◆~ त्रिफला अर्थात ये तीन ओषधि फल छोटी हरड़ (बड़ी नहीं), सूखा आंवला कली वाला, विभितकी फल बड़ा साइज का (इसे बहेड़ा भी कहते है) तीनों 100–100 ग्राम लेवें। इसमें बहेड़ा की मात्रा कुछ ज्यादा भी ले सकते हैं, क्योंकि बहेड़ा सूखे कफ को ढ़ीला…

  • एक ऐसा पौधा भी है, जिसे छूटे ही आत्महत्या करने का मन करता है-

    एक ऐसा पौधा भी है, जिसे छूटे ही आत्महत्या करने का मन करता है-

    क्या आप ऐसे पौधे के बारे में जानते हैं जिसे छूते ही आपका खुदखुशी करने का मन करने लगे। आइए जानते हैं ऐसे पौधे के बारे में जिसे The suicide plant के नाम से जाना जाता हैं। इसे गिम्पि गिम्पि पौधा भी कहते हैं और यह ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता हैं। गिम्पि गिम्पि पौधा इतना…

  • भारत के अजूबे आध्यात्मिक रहस्य

    भारत के अजूबे आध्यात्मिक रहस्य

    सूक्ष्म व सिद्ध आत्माओं का स्थान पवित्र हिमालय : जीवन का परम आनंद लेना हो, तो एक बार चारों धाम के अलावा उत्तराखंड की यात्रा अवश्य करें। पिछले 25 वर्षों में मुझे भी अनेकों बार इस देवात्मा हिमालय के दर्शन का सौभाग्य मिला।  इस अद्भुत यात्रा का विस्तार से वर्णन हमारे द्वारा प्रकाशित कालसर्प विशेषांक में…

  • बदसूरत बनाने वाला रोग-लड़कियों के चेहरे पर बाल क्यों आ जाते हैं?

    बदसूरत बनाने वाला रोग-लड़कियों के चेहरे पर बाल क्यों आ जाते हैं?

    आयुर्वेद में लड़कियों के चेहरे पर बाल उगना अतिरोमता कहलाता है। यह रोग माहवारी या मासिक धर्म के अनियमित होने से होता है। वर्तमान युग में अधिकांश लड़कियां कमजोर मेटाबॉलिज्म के चलते उनका वात-पित्त-कफ अंसतुलित हो जाता है और पाचनतंत्र खराब होने लगता है, जिससे शरीर त्रिदोषों से घिर जाता है। त्रिदोष क्या है? इसे…

  • क्लेदन/क्लेदक कफ क्या है और कफ कितने प्रकार होता है?

    क्लेदन/क्लेदक कफ क्या है और कफ कितने प्रकार होता है?

    क्लेदन कफ शरीर के विघटित अणुओं को आपस में जोड़कर उनका रस के द्वारा पोषण करने वाला है। कफ दोष क्या है? कफ दोष, ‘पृथ्वी’ और ‘जल’ इन दो तत्वों से मिलकर बना है। ‘पृथ्वी’ के कारण कफ दोष में स्थिरता और भारीपन और ‘जल’ के कारण तैलीय और चिकनाई वाले गुण होते हैं। यह…

  • त्रिफला का टेबलेट क्या उतना ही उपयोगी है जितना त्रिफला चूर्ण है? त्रिफला का टेबलेट खाने का क्या नियम है?

    त्रिफला का टेबलेट क्या उतना ही उपयोगी है जितना त्रिफला चूर्ण है? त्रिफला का टेबलेट खाने का क्या नियम है?

    जाने- अमृतम त्रिफल चूर्ण के 22 चमत्कारिक फायदे और उपयोग— तीन औषधीय फलों के समिश्रण से निर्मित होने के कारण इसे त्रिफल योग या त्रिफला कहा गया है। यह लाखों वर्ष पुराना एक प्राकृतिक अमृतम योग है। त्रिफला चूर्ण की एक बार में 8 से 10 ग्राम मात्रा लेने का विधान है। टेबलेट में गोंद…

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