• जानिए स्वस्तिक के बारे में दिलचस्प बातें

    जानिए स्वस्तिक के बारे में दिलचस्प बातें

    स्वस्तिक हिन्दू धर्म का अतिगूढ अर्थ वाला प्रतीक चिन्ह है… सनातन धर्म के दो मूल आधार प्रतीक चिन्ह हैं…!!ॐ!! और स्वस्तिक। ये दोनों मंगलकारक हैं। हिन्दू धर्म के प्रत्येक शुभ कार्यों में बाधाओं को दूर करने के लिए श्रीगणेश का आव्हान कर उनके निवास का प्रतीक स्वस्तिक बनाते हैं। स्वस्तिक हरेक मङ्गल कार्य में हर स्थान पर कल्याण का…

  • बनारस के 1100 स्वयम्भू शिंवलिंग की श्रृंखला

    बनारस के 1100 स्वयम्भू शिंवलिंग की श्रृंखला

    दुनिया का एक मात्र तीर्थ है-काशी जहां शिवलिंगों की स्थापना का श्रेय देवी-देवताओं, किन्नरों, दैत्यों, राक्षसों, अप्सराओं, ऋषियों एवं सन्त-महात्माओं और यति सन्यासियों को जाता है। ख़श में लगभग 21000 से भी अधिक शिव मंदिर हैं, जिसमें 1100 करीब स्वयम्भू होंगे पौराणिक साहित्य हो या वेद-पुराण, भाष्य, धर्मग्रन्थ, ब्राह्मण ग्रन्थ, उपनिषद में वाराणसी के स्वयम्भू…

  • एक पुरानी कहावत

    बड़ो को होवे दुख बड़ा,  छोटों से दुख दूर।  तारे सब न्यारे रहें,  गहें राहु ससि-सूर।। अर्थात् – बड़ों के कष्ट भी बड़े होते हैं। जिसका जितना बड़ा व्यापार होगा, उसको उतनी बड़ी हानि होगी। ग्रहण चंद्र और सूर्य को ही लगता है, तारों को नहीं लगता।

  • भगवान महावीर की दिलचस्प जानकारी

    भगवान महावीर की दिलचस्प जानकारी

    बनारस की यह कहावत प्रसिद्ध है…. “आठ वार-नो त्योहार“ काशी के राजा ने भगवान महावीर की मृत्यु के बाद बनारस में किस परम्परा का  आरम्भ किया था-  जैन सूत्र -1, पृष्ठ:२६६ से पता चलता है कि….बनारस में दीपावली बहुत ही धूमधाम से मनाई जाती थी। इस उट्सब क बारे में यह अनुश्रुति है कि जिस…

  • श्रीकृष्ण अवतार, उनका परिवार के बारे में दुर्लभ जानकारी

    श्रीकृष्ण अवतार, उनका परिवार के बारे में दुर्लभ जानकारी

    जीवन को गढ़ने वाली महान विभूति का नाम है – भगवान श्रीकृष्ण अवतार श्रीकृष्ण अवतार की लीलाओं में वैज्ञानिकता भी छुपी हुई है, इसलिए पुराणों में कहा गया “नमो विज्ञान रूपाय” अर्थात हे विज्ञान पुरुष आपको नमन है। भगवान श्री कृष्ण जो देखने में अति सुन्दर हैं इन्हें देखते ही मनुष्य मंत्रमुग्ध हो जाते है। इसीलिए ये नयनाभिराम…

  • ॐ का ही स्थूल यानी बड़ा रूप है पंचाक्षर पन्त्र नमःशिवाय।

    ॐ का ही स्थूल यानी बड़ा रूप है पंचाक्षर पन्त्र नमःशिवाय।

      नमःशिवाय मन्त्र के जप से कैसे करें दसों इंद्रियों की शुद्धि…. नमः शिवाय पांच अक्षरों से बनने वाले इस महामंत्र को पंचाक्षर मंत्र भी कहते है। यह मंत्र प्रणव “ऊँ” का स्थूल रूप है। पंचतत्व से समाहित इस मंत्र के निरन्तर जाप से पांच कर्म इन्द्रिया और पांच ज्ञानइन्द्रियां जाग्रत रहती है। पूर्व तथा इस जन्म…

  • क्या है ॐ

    क्या है ॐ

    शरीर में आकाश तत्व की पूर्ति करता है ‘ॐ‘ का उच्चारण ऊँ अर्थात प्रणव “अ उ म् बिन्दु और नाद” यह पांच अक्षरों से बनने वाला सम्पूर्ण ब्रम्हाण्ड का अति सूक्ष्म महामंत्र है। इस प्रणव मंत्र में आकाश तत्व की अधिकता है। कभी आप ध्यान दें, तो मंदिरों में घंटा बजाने पर ओम ध्वनि का उच्चारण होता है और…

  • स्वर्ण औऱ सात धातुओं की बेहतरीन दिलचस्प जानकारी……

    स्वर्ण औऱ सात धातुओं की बेहतरीन दिलचस्प जानकारी……

    सोना या स्वर्ण अत्यंत चमकदार बहुमूल्य धातु है। इसमें चांदी का मिश्रण करने से रंग हल्का और तांबे को मिलने से सोना पीला हो जाता है। इस स्वर्ण लेख में जाने-सोने के मुहावरे, कहावतें, सोने के ग्रन्थ, और कहां गढ़ा है सोने का खजाना…. रसेन्द्र पुराण नामक  के पृष्ठ 241 पर स्वर्ण के बारे में बहुत ही दिलचस्प…

  • अकाल मृत्यु का कारण

    अकाल या अकस्मात मृत्यु सात प्रकार से होती है….  【१】अग्निदाह या आग से जलने पर 【२】जल में डूबने से 【३】वृक्ष से गिरने या गिर जाने से 【४】नाग दंश नाग के काटने से 【५】विष के सेवन से 【६】 यानि आकाशीय बिजली गिरने से या हीरे के चाटने से 【७】आकस्मिक दुर्घटना से ये 7 अकाल मृत्यु के…

  • गति का ज्ञान

    सृष्टि में सात की गति का ज्ञान आज तक  कोई नहीं जान पाया… 【१】मूर्ख या पागल व्यक्ति 【२】नाग-सर्प 【३】सिंह-शेर 【४】श्वान-कुत्ता 【५】राजा-महाराजा 【६】शिशु-अबोध बालक 【७】मधुमक्खी

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