• च्यवनप्राश का इतिहास औऱ फायदे

    आयुर्वेद की सर्वश्रेष्ठ ओषधि  अमृतम च्यवनप्राश पूरी दुनिया में सर्वाधिक विक्रय होने वाला आयुर्वेदिक उत्पाद है और सबसे अधिक गुणकारी व चमत्कारी भी है । अमृतम च्यवनप्राश में उम्ररोधी (एंटीएजिंग) तत्व मौजूद हैं,  इसमें आंवला होता है, जो विटामिन ‘सी’ (C) का बेहतरीन स्त्रोत है, इसे सुखाने या जलाने के बावजूद इसमें मौजूद विटामिन सी की…

  • लिवर की समस्या इसका स्थाई समाधान भी है आयुर्वेद में

    लिवर के स्पर्श दोष यानि इंस्फेक्शन कहीं आपका लिवर खराब तो नहीं है कैसे करें – खराब लिवर की पहचान। कहीं आप यकृत रोग से पीड़ित, तो नहीं हैं? दिनोदिन आपका लिवर खराब तो नहीं हो रहा, इन बातों के प्रति आपको सचेत रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर आपका लिवर फंक्सन ठीक से काम…

  • यत पिंडे-तत ब्रह्माण्डे | Universe & Ayurveda

    यत पिंडे-तत ब्रह्माण्डे — अर्थात सभी धर्म ग्रंथो में लिखा है कि जो भी कुछ मनुष्य के पिण्ड यानी शरीर में है, बिल्कुल वैसा ही सब कुछ इस ब्राह्मांड में है। संपूर्ण ब्रह्मांड में जो भी है वह द्रव्य एवं ऊर्जा (Matter and energy) का संगम है। वही हमारे शरीर में भी है।

  • ठण्ड के दिनों आपको मेन्टेन करने वाली हर्बल कैप्सूल

    सर्दियों में रहें सावधान, अन्यथा…… ■ ग्रंथिशोथ (,थायराइड), ■ गर्दन, पीठ व कमर में दर्द, ■ हाथ-पैरों की टूटन और सूजन ■ ज्यादा सर्दी लगना, ■ ठण्ड के कारण होने वाली जकड़न-अकड़न ■ शरीर का ठंडापन, शिथिलता जैसी समस्याओं से परेशान हो सकते हैं।

  • आयुर्वेद की त्रिदोष नाशक दवाएँ — सभी संक्रमण, वायरस, और अनेक रोगों से लड़ने की ताकत है : आयुर्वेद में

    क्या आप बहुत से रोगों से पीड़ित हैं,  तो आयुर्वेद से पाएं निदान मानव शरीर में मौजूद एंजाइम रक्षक का काम करते हुए बाहर से आए किसी भी बेकार पदार्थ को शरीर से बाहर निकाल देता है।  5000 से अधिक पुराने इतिहास में,  इसने लोगों की तन-मन औऱ धन यानि  शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक  विकास…

  • 100 वर्ष तक निरोग रहने के लिए अपनाएं ये तरीका

    स्वस्थ्य जीवन और तन्दरूस्ती के लिए  यह नियम अपनाएं, तो निरोग रहकर 100 साल तक जी सकते हैं। 【】सुबह उठ कर खाली पेट अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। आयुर्वेद के हिसाब से सुबह जागने के समय जठराग्नि यानि उदर में गर्मी होती है, इसलिए यदि सादा पानी पियें,तो और भी लाभकारी होता है। सुबह…

  • कफ का प्रकोप

    कफ का प्रकोप— जब व्यक्ति में कफ का प्रकोप बढ़ जाता है, तब उसमें 【】हास्य, 【】शोक, 【】मूढ़ता, 【】रति, 【】तृष्णा जगती है ।

  • वात विकार (अर्थराइटिस) की "24" (चौबीस) बीमारियों का कारण है

    वात विकार (अर्थराइटिस) की  “24″ (चौबीस) बीमारियों का कारण है — “वायु विकार यानि गैस की समस्या” वायु का प्रकोप- आयुर्वेद ग्रंथों के अनुसार उदर में बहुत समय तक गैस यानि वायु के बनने से वात की बीमारियां (अर्थराइटिस प्रोब्लम) उत्पन्न हो सकती हैं ● वात से रात खराब हो जाती है। ●● नींद पूरी होती।…

  • आयुर्वेद के मुताबिक "खाने के नियम"

    पित्त दोष के कारण होने वाले 20 रोग जाने इस आर्टिकल्स में प्राचीन मान्यताओं न मानने वाले लोग अक्सर बीमार देखे जाते हैं। नियम विरुद्ध भोजन से अनेक तरह के विकार और पित्त दोष उत्पन्न हो जाते हैं। पित्त की व्रद्धि शरीर में बहुत सी परेशानियां खड़ी कर देती है। यदि हमेशा स्वस्थ्य रहना चाहते हैं,…

  • Rediscovering Ayurveda with Disha Deshpande

    Disha is a Yoga teacher and also a passionate traveller. She has also worked as a music journalist previously with Rolling Stones India, it was during those days she came across a Yoga course and she felt “I HAVE to go here! I HAVE to know what Yoga can do for me”. And, since that…

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