Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • नीम के बारे में आयुर्वेद के विचार

    नीम के बारे में आयुर्वेद के विचार

    अमृतम पत्रिका पर करीब 35 हजार पाठकों ने ईमेल कर पूछा है- नीम के पत्ते पूरे साल खा सकते हैं अथवा सिर्फ अप्रैल के महीने में ही खा सकते हैं? सही जानकारी कैसे मिले। सनातन धर्म के नवीन वर्ष के दिन जिसे नवसंवत्सर भी कहते हैं। इस दिन नीम की कोपल, कालीमिर्च, सेंधानमक सभी समभाग की…

  • क्या सुंदरता की कोई परिभाषा भी है?

    क्या सुंदरता की कोई परिभाषा भी है?

    आयुर्वेद और अध्यात्म का मानना है कि खूबसूरती तप-योग, साधना करने के साथ-साथ सरल-सहज, निर्विकार, निर्विवाद, निर्विचार, निर्विकल्प और निरोग होने से बढ़ती है। सुंदरता मन की भी होती है और तन की भी। यदि अंदर से पवित्रता आ जाये, तो मुखमण्डल अपने आप चमकने लगता है। कहा भी है-तेरा साईं तुझमें है। वही सबसे…

  • 100 वर्ष पुरानी दुर्लभ तस्वीरें?

    100 वर्ष पुरानी दुर्लभ तस्वीरें?

    जगलर तलवार निगलते हुए ! भारत 1980 में ! हैदराबाद की राजकुमारी बेरर दुर्रू शहवर ! श्री जवाहर लाल नेहरू अल्बर्ट आइंस्टाइन से मिले ! स्वामी विवेकानंद शिकागो में 1893 में ! सिपोय 1857 ! वोडेयर्स का दरबार – मैसूर के महाराजा ! हाथी की गाडी 1903 ! बड़ौदा, गुजरात में हिरण द्वारा खींचा गया…

  • फिल्मी एक्टर नसीरुद्दीन शाह किसके वंशज हैं?

    फिल्मी एक्टर नसीरुद्दीन शाह किसके वंशज हैं?

    झांसी रानी का दुश्मन: बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का परिवार मूल रूप से अफगानिस्तान के काबुल के रहने वाला है। जन फिशन खान नसीरुद्दीन शाह के परदादा का परदादा था। वह एक भाड़े का सैनिक था जिसने लगभग 5000 सैनिकों की कमान संभाली थी। वह और उसकी सेना क्रूरता के लिए विख्यात थी (“जन फ़िशन”…

  • हींग क्या होती है?

    हींग क्या होती है?

    इस लेख में हींग के 45 फायदे जानकर आनंदित हो जाएंगे— असन्तुलित वात-पित्त-कफ अर्थात त्रिदोष की पहचान खुद ही करें आयुर्वेदा लाइफ स्टाइल बुक पढ़कर और अपना इलाज घर पर करें- हींग क्या होती है? हींग के फायदे। हींग के प्रकार, शुद्ध हींग की पहचान, हींग के उपचार, हींग की खेती आदि अनेक शीर्षकों से गूगल पर…

  • ग्वालियर मप्र के महान सूर्य उपासक, तपोनिष्ठ महर्षि ग्वालेर, ग्वाला ने खोजा था शून्य/जीरो…

    ग्वालियर मप्र के महान सूर्य उपासक, तपोनिष्ठ महर्षि ग्वालेर, ग्वाला ने खोजा था शून्य/जीरो…

    ■ संगीत सम्राट तानसेन की संगीत साधना स्थली विश्व विख्यात है। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर घराना सदियों से सम्मानित है। ■ देश-दुनिया में मोती वाले राजा के नाम से ख्यातिप्राप्त सिंधिया परिवार के माधो महाराज ने ग्वालियर को ब्रिटेन के तर्ज पर बसाया था। सिंधिया राजघराने के…

  • क्या कोई छठा तत्व है? यदि हाँ, तो क्या है?

    क्या कोई छठा तत्व है? यदि हाँ, तो क्या है?

    ध्यान-धैर्य-धर्म के 23 सूत्र और फायदे— छठा तत्व स्वयम इंसान है, जो अपनी साधना-उपासना से पांचों तत्वों को अपने वश में कर सकता है। वेदों में लिखा है- !!यत् पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे!! अर्थात सृष्टि/ब्रह्मांड में जो भी कुछ है, वह सब हमारे अंदर भी है। अपने मन-मस्तिष्क की शक्तियों को अपने अंदर ही समेट कर परमहंस बन सकते हैं। धैर्यपूर्वक ध्यान देंवें— सर्जन ओर विसर्जन में…

  • अगर आप को पता चले कि आप को करोना हो गया है तो आप सबसे पहले क्या करेंगे?

    अगर आप को पता चले कि आप को करोना हो गया है तो आप सबसे पहले क्या करेंगे?

    देश के जाने-माने चिकित्सकों ने कोरोना से बचने के कुछ विशेष तरीके सुझाएँ हैं। आप कुछ खास परम्परा गत उपाय अपनाकर कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रह सकते हैं- 1¶~ एकान्तवास, ध्यान। 2¶~ प्रातः ब्रह्म महूर्त में जागना। 3¶~ सुबह साढ़े जल 1 लीटर करीब पीना। (गर्म-गुनगुना नहीं पीना है।) 4¶~ सकारात्मक सोच, विचार। 5¶~ नियम…

  • परिजात का पौधा मोदीजी ने राममंदिर, अयोध्या में रोपित क्यों किया, जबकि अन्य वृक्ष भी थे?

    परिजात का पौधा मोदीजी ने राममंदिर, अयोध्या में रोपित क्यों किया, जबकि अन्य वृक्ष भी थे?

    परिजात शब्द का अर्थ भी जाने… पर्यावरण परिवार में इस जाति का अन्य कोई वृक्ष इस धरती पर उपलब्ध नहीं हैं। कल्पवृक्ष, कल्पलता, कल्पद्रुम, कायाकल्प, कल्पतरु, देववृक्ष, हरश्रृंगार आदि इसके अर्थ हैं। परिजात को प्रणाम— परिजात एक दिव्य वृक्ष है, जो सभी धर्म के देवी-देवताओं को प्रिय है। रात के समय इस वृक्ष को देखने…

  • आप भी अच्छा आयुर्वेदिक काढ़ा अपने घर में आसानी से बना सकते है?

    आप भी अच्छा आयुर्वेदिक काढ़ा अपने घर में आसानी से बना सकते है?

    सुरक्षित और स्वस्थ्य जीवन के लिए आयुर्वेद से इलाज करें। ◆~ त्रिफला अर्थात ये तीन ओषधि फल छोटी हरड़ (बड़ी नहीं), सूखा आंवला कली वाला, विभितकी फल बड़ा साइज का (इसे बहेड़ा भी कहते है) तीनों 100–100 ग्राम लेवें। इसमें बहेड़ा की मात्रा कुछ ज्यादा भी ले सकते हैं, क्योंकि बहेड़ा सूखे कफ को ढ़ीला…