Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • एक ऐसा पौधा भी है, जिसे छूटे ही आत्महत्या करने का मन करता है-

    एक ऐसा पौधा भी है, जिसे छूटे ही आत्महत्या करने का मन करता है-

    क्या आप ऐसे पौधे के बारे में जानते हैं जिसे छूते ही आपका खुदखुशी करने का मन करने लगे। आइए जानते हैं ऐसे पौधे के बारे में जिसे The suicide plant के नाम से जाना जाता हैं। इसे गिम्पि गिम्पि पौधा भी कहते हैं और यह ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता हैं। गिम्पि गिम्पि पौधा इतना…

  • भारत के अजूबे आध्यात्मिक रहस्य

    भारत के अजूबे आध्यात्मिक रहस्य

    सूक्ष्म व सिद्ध आत्माओं का स्थान पवित्र हिमालय : जीवन का परम आनंद लेना हो, तो एक बार चारों धाम के अलावा उत्तराखंड की यात्रा अवश्य करें। पिछले 25 वर्षों में मुझे भी अनेकों बार इस देवात्मा हिमालय के दर्शन का सौभाग्य मिला।  इस अद्भुत यात्रा का विस्तार से वर्णन हमारे द्वारा प्रकाशित कालसर्प विशेषांक में…

  • बदसूरत बनाने वाला रोग-लड़कियों के चेहरे पर बाल क्यों आ जाते हैं?

    बदसूरत बनाने वाला रोग-लड़कियों के चेहरे पर बाल क्यों आ जाते हैं?

    आयुर्वेद में लड़कियों के चेहरे पर बाल उगना अतिरोमता कहलाता है। यह रोग माहवारी या मासिक धर्म के अनियमित होने से होता है। वर्तमान युग में अधिकांश लड़कियां कमजोर मेटाबॉलिज्म के चलते उनका वात-पित्त-कफ अंसतुलित हो जाता है और पाचनतंत्र खराब होने लगता है, जिससे शरीर त्रिदोषों से घिर जाता है। त्रिदोष क्या है? इसे…

  • क्लेदन/क्लेदक कफ क्या है और कफ कितने प्रकार होता है?

    क्लेदन/क्लेदक कफ क्या है और कफ कितने प्रकार होता है?

    क्लेदन कफ शरीर के विघटित अणुओं को आपस में जोड़कर उनका रस के द्वारा पोषण करने वाला है। कफ दोष क्या है? कफ दोष, ‘पृथ्वी’ और ‘जल’ इन दो तत्वों से मिलकर बना है। ‘पृथ्वी’ के कारण कफ दोष में स्थिरता और भारीपन और ‘जल’ के कारण तैलीय और चिकनाई वाले गुण होते हैं। यह…

  • त्रिफला का टेबलेट क्या उतना ही उपयोगी है जितना त्रिफला चूर्ण है? त्रिफला का टेबलेट खाने का क्या नियम है?

    त्रिफला का टेबलेट क्या उतना ही उपयोगी है जितना त्रिफला चूर्ण है? त्रिफला का टेबलेट खाने का क्या नियम है?

    जाने- अमृतम त्रिफल चूर्ण के 22 चमत्कारिक फायदे और उपयोग— तीन औषधीय फलों के समिश्रण से निर्मित होने के कारण इसे त्रिफल योग या त्रिफला कहा गया है। यह लाखों वर्ष पुराना एक प्राकृतिक अमृतम योग है। त्रिफला चूर्ण की एक बार में 8 से 10 ग्राम मात्रा लेने का विधान है। टेबलेट में गोंद…

  • क्या आयुर्वेद में यौन शक्ति में वृद्धि का कोई इलाज है? “?

    क्या आयुर्वेद में यौन शक्ति में वृद्धि का कोई इलाज है? “?

    आयुर्वेद की काम शक्तिवर्द्धक ओषधियाँ शुक्राणु, काम शक्ति वृद्धि एवं वीर्य स्तंभन हेतु एक अद्भुत अमृतम योग श्री काशी संस्कृत “ग्रंथमाला” 161 के “वनोषधि-चंद्रोदय” भाग-2 (*AN ENCYCLOPAEDIA OF। INDIAN BOTANIES & HERBS) *लेखक- *श्री चन्द्रराज भण्डार* ‘विशारद’प्रकाशक- चौखम्बा संस्कृत संस्थानवाराणसी-221001 (भारत) एवं दूसरी पुस्तक औषधीय पादपों का कृषिकरण लेखक- डॉ.गुरपाल सिंह जरयाल। डॉ.मायाराम उनियाल। प्रकाशक- इंडियन…

  • सन्त शिरोमणि भक्त रैदास

    सन्त शिरोमणि भक्त रैदास

    !!मन चंगा तो कठौती में गंगा!! यह सूक्ति भक्त शिरोमणी रैदास की है।   अर्थात- जिस व्यक्ति का मन पवित्र होता है, उसके बुलाने पर मां गंगा भी एक कठौती (चमड़ा भिगोने के लिए पानी से भरे पात्र) में भी आ जाती हैं। अपनी निर्मल भक्ति के कारण आज ये अमर हैं। बहुत छोटी जाति…

  • जैन धर्म में मिच्छामि दुक्कड़म का मतलब क्या है?

    जैन धर्म में मिच्छामि दुक्कड़म का मतलब क्या है?

    यह धार्मिक संप्रदाय जैन धर्म(Jainism) की क्षमावाणी परंपरा है। आज संवत्सरी पर्व या पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन देश-दुनिया के प्राणियों को “मिच्छामी दुक्कड़म” कहकर पूर्व में हुई भूलवश गलतियों के फलस्वरूप मिच्छामी दुक्कड़म” एक सामुदायिक तरीके से व्यक्तिगत माफी की औपचारिकता है। यह मानवीय करुणा को बढाने का एक माध्यम है। इसमें एक संपूर्ण…

  • प्याज के 41 फायदे क्या हैं?

    प्याज के 41 फायदे क्या हैं?

    भारत वह देश है जहां प्याज-लहसुन खाने से पाप लगता, लेकिन बेईमानी, छल-कपट, भृष्टाचार करने से पाप नहीं लगता। !!पलाण्डु रक्षति, पल रक्षणे!! प्याज अनेक रोगों से रक्षा करता है। 18 पुराणों में से एक गरुड़पुराण में प्याज का पलाण्डुगुटिका के नाम से पूरा एक अध्याय है। इसे भगवान के नैवेद्य में कभी अर्पित नहीं करते हैं…

  • घबरायें नहीं! सावधानी बरतकर कोरोना की क्रूरता से स्वयं को और अपने परिवार को बचा सकते हैं!

    घबरायें नहीं! सावधानी बरतकर कोरोना की क्रूरता से स्वयं को और अपने परिवार को बचा सकते हैं!

    सन्सार के सभी धर्म-शास्त्र के प्रत्येक पात-पात पर लिखा है कि- स्वस्थ्य शरीर, मन को मजबूत कर मनोबल बढ़ाता है। इसके लिए अकेले दवा ही नहीं, दुआ और दम लगाकर कसरत, मेहनत करना भी जरूरी है। कफ-पित्त-वात के नाश होने से ही इम्युनिटी में वृद्धि होती है। कहने का आशय यही है यदि शरीर साथ दे, तो बात बनती चली जाती है अन्यथा…