Category: Amrutam Daily Lifestyle
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राष्ट्रगान है क्या? अंग्रेजों का सम्मान या भारत का स्वाभिमान.
रविन्दनाथ टैगोर ने जन गण मन अधिनायक गीत जार्ज पंचम के भारत आगमन पर उनके सम्मान में लिखा था। जबकि बंदे मातरम आज देश का राष्ट्रगीत होता। विदेशियों को महिमा मंडित करने के लिए राष्ट्रगान की रचना पारिश्रमिक देकर कराई थी। अंग्रेजों शासकों हेतु लिखा राष्ट्रगान से केसे जागे स्वदेश में स्वाभिमान इस लेख में…
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आयुर्वेद में पथ्य अपथ्य का पालन कर अनेक रोगों से छुटकारा पा सकते हैं!
मधुमेह यानि डायबिटीज से भारत के लगभग ७० फीसदी लोग प्रभावित और पीड़ित हैं। लोग चाहें, तो आयुर्वेद के अनुसार कुछ परहेज करके इस महामारी से हमेशा के लिए मुक्ति पा सकते हैं। हितकारी चीज यानि पथ्य-मक्खन, पनीर, घी, और मूंग आदि की दाल (थोडी), गोभी, टमाटो, ककडी आदि बहुत थोडे हरे शाक तथा चेस्टनट…
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मोटापा, मेदरोग, चर्बी कम करने के आयुर्वेदिक सूत्र…
भैषज्यरत्नावलीनामकभेषजग्रन्थस्य मेदोरोगाधिकारस्य आयुर्वेद के एक प्राचीन ग्रंथ योग रत्नाकर में स्थौल्य रोग यानि मोटापा मिटाने के पथ्य यानि परहेज की चर्चा गुमफिट है – (यो. र.) पुराणशालयो मुद्गकुलत्थयवकोद्रवाः। लेखना बस्तयश्चैव सेव्या मेदस्विना सदा॥६३॥ अर्थात मेदोरोग में पुराना शालिचावल, मूँग की दाल, कुलत्य, जौ, कोदो तथा लेखनबस्ति का प्रयोग हितकर या लाभदायक है। मेदोरोग में पथ्य….…
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आयुर्वेद के अनुसार बाजीकरण क्या है…
वाजीकरण की आवश्यकता क्यों है -पुरुषों को चिन्तया जरया शुक्रं व्याधिभिः कर्मकर्षणात्। क्षयं गच्छत्यनशनात् स्त्रीणां चातिनिषेवणात् ॥१॥ अर्थात अनेक प्रकार की चिन्ता से, वृद्धावस्था के कारण, रोग से, व्यायामादिकर्म से अथवा पञ्चकर्म के हीन या अतियोग से अधिक दिनों तक भूखे रहने से, स्त्रियों के साथ अति सम्भोग करने से और अधिक मात्रा में शुक्र…
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२५ तरह के नेत्ररोग से बचाती है, या आयुर्वेदिक ओषधि…
भेषज्य रत्नावली ग्रंथ, नेत्ररोगाधिकार से साभार मधुकादि लौह मधुकं त्रिफलाचूर्णं लौहचूर्णं तथैव च। भक्षयेन्मधुसर्पिर्ध्यामक्षिरोगप्रशान्तये। मुलेठीचूर्ण, आमलाचूर्ण, हरीतकीचूर्ण, बहेड़ाचूर्ण और लौहभस्म सभी समभाग लें। इन पाँचों द्रव्यों को एक खरल में एक साथ मिलाकर ३ घण्टे तक मर्दन कर कांचपात्र में संग्रहीत करें। सेवन विधि…१ ग्राम की मात्रा में इस औषधि को १ ग्राम मधु पंचामृत…
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आंवला स्वास्थ्यवर्धक और धनदायक ओषधि है। जाने आंवले के चमत्कार.
आंवला शर्बत भी बहुत लाभकारी है.. जब भी कभी कुछ पीने की इच्छा हो, तब एक चम्मच अमृतम आंवला पाउडर एक ग्लास शक्कर या गुड़ युक्त सादे या ठंडे जल में मिलाकर अच्छी तरह से हिलाकर शर्बत बनाकर पियें। आप चाहें, तो इसे छानकर भी ड्रिंक की तरह पी सकते हैं। आंवले की 20 रहस्यमयी जानकारी,…
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मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अपनाएं ये तरीका!
12 काम की बातें आपका मनोबल तथा आत्मविश्वास बढ़ाएंगी… भगवान सूर्य की उपासना से आत्मविश्वास को बढ़ाया जा सकता है। सूर्य अखण्ड प्रकाश पुंजों से ब्रह्मण्ड को आलोकित करता है। सूर्य जगत की आत्मा है और हमारी भी। इन्हें जगदीश भी कहते हैं क्योंकि ये जगत को दिखाई पड़ते हैं। सूर्य की असीम ऊर्जा से…
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आंखों के लिए अयुर्वेदिक अवलेह, जो नेत्ररोग मिटाकर रोशनी बढ़ाता है.
आयुर्वेदिक ग्रन्थ रस-तन्त्र सार, आयुर्वेद सार संग्रह, भावप्रकाश निघण्टु, चरक सहिंता, में वर्णित ओषधियों के उपयोग से अपनी आंखों की चिकित्सा घर बैठे कर सकते हैं। अब दूर तक देखो.…लोगों की लापरवाही…..आई की माल्ट से ठीक करें अपनी आंखें। रोशनी बढ़ाने में चमत्कारी है ये हर्बल माल्ट… नेत्रों का सम्पूर्ण उपचार कर प्रकार के नेत्ररोगों…
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कब्ज से परेशान लोगों के लिए सलाह!
कब्ज (Constipation) एक ऐसा रोग है, जो बार बार होने लगे, तो शरीर में बीमारियों का अंबार लगा देता है। कब्जियत होने पीआर क्या खाना फायदेमंद है और कौनसी वस्तु त्याज्य है इसे पढ़कर जाने.. सेवन योग्य चीज यानि पथ्यः–मूंग और अरहर की दाल का पानी, गेहूं की रोटी। जहां तक सम्भव हो मोटे आटे…
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मंदाग्नि रोग क्या है। इसमें क्या परहेज करना चाहिए!
मंदाग्नि रोग पेट का बर्बाद करने वाली बीमारी है। अंग्रेजी या एलोपैथी की भाषा में इसे indigestion तथा lack of appetite बताया गया है। एक प्रकार का उदररोग जिसमें भोजन नहीं पचता, रोगी की पाचन शक्ति मंद पर जाती है। अन्न न पचने से पेट मल से भर जाता है। मल सड़ने लगता है। मंदाग्नि…
