• गुरुपूर्णिमा को करें- श्रीगुरुगीता का पाठ, तो मिल जाएंगे सारे ठाठ-वाट और राज्य-पाठ

    गुरुपूर्णिमा को करें- श्रीगुरुगीता का पाठ, तो मिल जाएंगे सारे ठाठ-वाट और राज्य-पाठ

                   ★★★ ॐ ★★★   हर पल आपके साथ हैं हम…. सदगुरु द्वारा प्रदत्त गुरुमन्त्र के जाप, अभ्यास और दृढ़ निश्चय से मूर्च्छा-भ्रम टूटकर जागरूकता एवं सकंल्प शक्ति बढ़ जाती है। गुरु साधना से सन्सार का समस्त कष्ट-क्लेश, भय-भ्रम, शंका-कुशंका तथा डर मिटकर ‘सर‘ हल्का होने लगता है। सप्तविकार दूर…

  • गुरुपूर्णिमा किस दिन होती है। इसका कारण, महत्व और रहस्य जाने..

    गुरुपूर्णिमा किस दिन होती है। इसका कारण, महत्व और रहस्य जाने..

    क्या है गुरुपूर्णिमा की कहानी…   सन 2019 में गुरुपूर्णिमा 16 जुलाई, मंगलवार को पूरी दुनिया में मनाई जावेगी।यह हर साल आषाढ़ महीने में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन पड़ती है। क्यों मनाते हैं गुरुपूर्णिमा….   महर्षि व्यास, जो कि कलयुग के आदिगुरु हैं। गुरु व्यास की पुण्य तिथि के रूप में गुरुपूर्णिमा, सम्पूर्ण भक्ति एवं समर्पण भाव से…

  • सदगुरू क्यों जरूरी है। बिना गुरु के मानव जीवन अधूरा या व्यर्थ क्यों है। इस लेख का 1-1 शब्द गुरु के गुप्त रहस्यों से भरा है

    सदगुरू क्यों जरूरी है। बिना गुरु के मानव जीवन अधूरा या व्यर्थ क्यों है। इस लेख का 1-1 शब्द गुरु के गुप्त रहस्यों से भरा है

                     ★★★’ॐ’★★★                !!गुरु पूर्णिमा पर विशेष!!   सुमिरन मेरा गुरु करे, मैं पाया विश्राम…. परम गुरु भक्त “परमहँस सन्त मलूकदास” के मुताबिक “प्रकटे आपे आप”……. यह सब सदगुरू के प्रति गहरी निष्ठा, श्रद्धा और गुरुमन्त्र के जाप से ही सम्भव है। इसलिए सदगुरु…

  • नाग ही ‘राहु’ हैं

    नाग ही ‘राहु’ हैं

    नाग ही ‘राहु’ हैं…..   प्रलय,सँहार के पश्चात जब दुनिया में सब  नष्ट हो जाता है, कुछ नही बचता,तब शेष बचता है, नाग (राहु) इसी कारण प्रतीक रूप में,  “शेषनाग” की पूजा का विधान है। कैसे प्रसन्न हों राहु…..  “शिव” पूजन से ही राहु प्रसन्न होकर अथाह सम्पदा का स्वामी बनाते हैं । राहु राह,रोकते…

  • कहीं मुरझाने तो नहीं लगा है आपका…आत्मविश्वास

    कहीं मुरझाने तो नहीं लगा है आपका…आत्मविश्वास

    त्वचा रूखी हों, तो झुर्रियां पड़ना स्वाभाविक है। यदि चेहरे की त्वचा में खिंचाव है, रूखापन है, खिचीखीची है तो समझे मॉइश्चराइजर की कमी है। अमृतम फेस क्लीनअप……. है रूखी त्वचा का शर्तिया इलाज। फ़ेस क्लीनअप रूखी और नमी युक्त दोनों त्वचा के लिए उपयोगी है। जो लोग समुद्र तटीय निवासी हैं, उनके लिए तो…

  • ध्यान लगाकर काम करने से धन आता है

    ध्यान लगाकर काम करने से धन आता है

    शम्भू ध्यान बिना नहीं मिलता चाहें..कर लो लाख उपाय…. ● ध्यान से ही धन आता है। ● ध्यान के कारण ही व्यक्ति धन्य-धन्य हो जाता है। ● ध्यान अपने काम पर हो, उद्देश्य पर हो, तो जीवन में सफलता निश्चित मिलती है। ● ध्यान…धर्म से जोड़ता है। ● धर्म के मार्ग पर चलने से जीवन…

  • पेट के रोगी विशेष ध्यान देवें…

    पेट के रोगी विशेष ध्यान देवें…

      मसालों का उपयोग शरीर के लिए  जरूरी है।  मसालों के सेवन से नहीं होता अल्सर… मसाले पेट के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। देशी दवाओं की पुरानी किताबों….जैसे- ¢ जंगल की बूटी, ¢ आयुर्वेदिक निघण्टु ¢ भावप्रकाश निघण्टु ¢ भेषजयरत्नावली आदि आयुर्वेदिक ग्रंथों में सभी मसालों को उदर के हर रोग को ठीक करने…

  • हेमकुण्ड साहिब के बारे में एक अत्यंत मार्मिक कथा। जिसे पढ़कर…..आँखे नम – तो हो ही जाएंगी

    हेमकुण्ड साहिब के बारे में एक अत्यंत मार्मिक कथा। जिसे पढ़कर…..आँखे नम – तो हो ही जाएंगी

    सदगुरु मैं तेरी पतंग,  हवा बिच उड़ती जावां रे…..   ¶¶-  सन 1930 में खोजा गया था….. हेमकुण्ड साहिब गुरुद्वारा   ¶¶–  कैसे हुई खोज? गुरुगोविन्द सिंह जी के पूर्व जन्म की अचंभित हो जाएंगे, यह जानकर कि..         “गुरुगोविन्दसिंह जी” के परिवार के त्याग की वजह से दुनिया के 108 गुरुद्वारे 300 साल…

  • बालों की कुदरती दवा

    बालों की कुदरती दवा

    हमारा सिर ही सन्सार का सार है सिर और सिर का सार क्या है- देह यानि शरीर के सबसे ऊपरी हिस्से को सिर कहा जाता है। हमारा सिर ही तन और मन को चलाता है। ज्ञान-बुद्धि, विवेक,दिमाग, अक्ल,शिक्षा और समझाइश सब सिर में ही समाहित रहती है। सिर ही हमे सरताज बनाता है। नई सोच-नई खोज,…

  • जाने इंसान का धर्म क्या है? जिन्दगी जीने के लिए जरूरी हैं-चार पुरुषार्थ। सर्वप्रथम धर्म के बारे में समझे !

    जाने इंसान का धर्म क्या है? जिन्दगी जीने के लिए जरूरी हैं-चार पुरुषार्थ। सर्वप्रथम धर्म के बारे में समझे !

    आपको मालूम है कि- इंसान का पहला पुरुषार्थ क्या है- पार्ट -1 【भाग-1】 भगवान विष्णु ने जब सृष्टि रचना कि, तो मानव जाति के सुखी और सम्पन्न जीवन हेतु कुछ नियम-धर्म स्थापित किये थे। जिसमें धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष इन चतुर्थ पुरुषार्थ के विषय में वेद-पुराण, ग्रंथो में इनका विस्तृत वर्णन है। सुखमय जीवन के लिए शास्त्रों में धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष इन चार…

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