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फूलों से भगाएं बीमारी
पुष्प भी हैं ओषधियाँ…. मानसिक तकलीफों को मिटाते हैं- फूलों से माला बनती है। ललितासहस्त्रनाम…. नामक ग्रन्थ में माला की परिभाषा दी है। ‘मां शोभां लातीति माला’ अर्थात – जो शोभा, सुन्दरता बढ़ाये, वह माला है। पूजा में माला का बहुत महत्व है। पंचमहाभूतों में यह पृथ्वीतत्व का प्रतीक है। कुलार्णव तन्त्र में उल्लेख है कि शिंवलिंग…
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फेस क्लीनअप’…… एक कम्प्लीट हर्बल लिक्विड उबटन। आयुर्वेद का 5000 साल पुराना फार्मूला…एक बार आजमाकर देखें।
औषधीय काढ़े से बना लिक्विड हर्बल उबटन सोलह श्रृंगारों में से एक एक कम्प्लीट ।।अमृतम।। “फेस क्लीनअप” अब कुछ भी मिलाने की झंझट खत्म। अमृतम ने खोजा.. फेस उबटन ….बनाने का प्राचीन तरीका सुन्दरता, खूबसूरती के लिए आदिकाल से बहुत तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट यानी सौन्दर्य प्रसाधन के प्रयोग किये जा रहे हैं, लेकिन…
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प्रेम के महाप्रलय की महिमा। यह लेख कुछ दार्शनिक है….
प्रेम करने वाली युवा पीढ़ी इस ब्लॉग को अवश्य पढ़ें….. इसे शान्तिपूर्वक 2 या 3 बार पढ़े, पिछला लेख भूख के बारे में था “योगेश्वर की योगमाया” ग्रन्थ में लिखा है कि.. भूख या तो पेट की होती है या फिर वासना की। महत्व “पैसे की भूख” का भी कलयुग में कम नहीं रहेगा….. भूख के बाद फिर क्या? भूख की सबसे…
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क्या भूख पर अंकुश लगाया जा सकता है?
“पापी पेट“ की निरन्तर भक्षण-प्रक्रिया की तुष्टि के लिए निरन्तरता के संघर्ष ही सार्थक हो सकते हैं। काम बंद, तो काम खत्म…भूख ही हमसे काम करने पर मजबूर करती है ■ भूख की तुष्टि हो जाये अथवा वह शेष ही न रहे तो श्रम को विराम मिल जाएगा। और यदि…. ■■ श्रम-परिश्रम को विराम मिला…
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अब एक्टिव आयुर्वेद का जमाना है….
हम आयुर्वेद की एक लाख पुरानी पध्दति को द्वारा खंगाल रहै हैं। हमने देखा कि प्राचीन काल में हमारी दादी, नानी, बुआ, मौसी, चाची, ताई, बड़ी अम्मा, छोटी अम्मा, आदि के बाल बहुत लंबे, घुंघराले, चमकदार, काले और सुंदर हुआ करते थे। कइयों के केश, तो अंतिम समय तक काले भी रहते थे। इन सब…
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भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति
शिव पुराण के अनुसार मुरलीवाला भी भोलेनाथ के परम उपासक था… श्रीकृष्ण का गुरुमंत्र भी शिवमन्त्र ही था। वह कौन सा गुरुमन्त्र था? यह लेख कभी विस्तार से किसी ब्लॉग में अलग से दिया जाएगा। फिलहाल शिवपुराण के अनुसार द्वारकाधीश की अटूट शिव भक्ति पढ़ें श्रीमद् भगवत्गीता में भगवान श्रीकृष्ण जी अर्जुन को परमहित, सर्वहित ऐश्वर्य की…
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शिवो भूत्वा शिवं यजेत् शिव हो जाओ
कैसे करे महाकाल को प्रसन्न……. जाने बहुत आसान उपाय “शिवो भूत्वा शिवं यजेत्”– अर्थात- शिव होकर ही शिव का पूजन कीजिये। शिव पूजन करते-करते ऐसा महसूस करें या अनुभव हो कि मैं शिव हो गया हूं। महादेव की अथवा अन्य देवताओं की पूजा करते समय उसी जैसे हो जाओ। इस समर्पण से की गई पूजा उपासना की सर्वोच्च…
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स्त्रियों का धर्म क्या है.. जाने पुराणों से
कृपया स्त्रियां ध्यान देवें इस ब्लॉग में आपको यह जानकर यह आश्चर्य होगा कि महिलाओ को कभी हवन में आहुति क्यों नहीं डालना चाहिए? एक बात और ध्यान रखें कि — कभी अकेले भी स्त्रियों को हवन भी नहीं करना चाहिए, ऐसा न करने का कारण नीचे पढ़े… इससे बहुत दुःख-दरिद्रता बढ़ती है….. यह गुरु वचन है, इसे नकारें नहीं। वेदोक्तं वचनं…
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कैसे करें-कालसर्प का उपचार
कैसे करें-कालसर्प का उपचार ऐसी मान्यता है कि- कालसर्प दोष…. वाले जातक या व्यक्ति बहुत दुर्भाग्यशाली होते हैं। कालसर्प से पीड़ित प्राणी जीवन में इतनी ठोकर खाते हैं कि… एक दिन वे स्वयं ठाकुरजी बनकर इस जीव-जगत का कल्याण करने लग जाते हैं। एक खतरनाक दुर्भाग्य दोष- कालसर्प दोष से दुखी व्यक्ति का भाग्य कभी साथ नहीं…
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पुराने समय में रोग रहित रखने वाली…. बुजुर्गों की बातें
रोग रहित रहने के लिए एक कहावत है कि…… आंता-तीता दांता नोन, पेट भरन को तीन ही कोन आंख पानी, काने तेल, कहे घाघ बैदाई गेल। अर्थात – प्रतिदिन शुध्द ताजी हल्का गरम भोजन खाने से, दांतों में प्रतिदिन नमक लगाने से, (क्योंकि दांत हड्डी का एक हिस्सा है, हड्डी को नमक अति आवश्यक है) पेट को…
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