• 100 तकलीफों की एक दवा

    100 तकलीफों की एक दवा

      आयुर्वेद की एक ऐसी ओषधि, जिसके 18 फायदे देखकर हो जाएंगे — दंग अमृतम गोल्ड माल्ट  के नियमित सेवन से जीवनदायिनी कुदरती खूबियां ज्यों की त्यों बनी रहती हैं। त्रिदोष नाशक प्राकृतिक ओषधि, जो शरीर में जाते ही अपना कार्य शुरू कर देती है। शारीरिक शक्ति दृढ़ करने में अमृतम गोल्ड माल्ट रामबाण है।…

  • अमरनाथ की यात्रा का महत्व और अमरकथा का रहस्य क्या है। बहुत कम लोगों को पता है

    अमरनाथ की यात्रा का महत्व और अमरकथा का रहस्य क्या है। बहुत कम लोगों को पता है

    जीवन का सार-जीवन के पार है- अमरनाथ की अमर यात्रा एक बार अमरनाथ जाएंगे, तो आप भी भावविभोर होकर गाएंगे हर-हर महादेव शम्भू काशी अमरनाथ गंगे। बाबा अमरनाथ सङ्गे माता पार्वती सङ्गे।। भोजन और यात्रा से फायदे — जिसतरह अमृतमय भोजन से शरीर को सम्पूर्ण रस, शक्ति, ऊर्जा, ताकत, स्फूर्ति, ज्योत और इम्युनिटी पॉवर मिलती है। उसीप्रकार…

  • रूखी और रफ त्वचा का हर्बल ट्रीटमेंट

    रूखी और रफ त्वचा का हर्बल ट्रीटमेंट

    त्वचा को नम रखना बहुत जरूरी है- त्वचा में चमक तभी आ सकती है, जब उसे।नमीयुक्त रखा जाए। रूखी और बेजान त्वचा चेहरे की। चमक-दमक खत्म कर देती है। खूबसूरती के लिए सबसे जरूरी होता है, स्किन को नमी प्रदान की जाये। बहुत जतन या प्रयत्न के पश्चात भी यदि आपकी त्वचा नमीयुक्त नहीं हो…

  • यकृत (लिवर) की रोगनाशक जड़ीबूटियां

    यकृत (लिवर) की रोगनाशक जड़ीबूटियां

    तपती गर्मी में रखे– अपने लिवर का ख्याल प्राचीन काल में पहले आदिवासी एवं गर्मिन क्षेत्रो के निवासी लीबार यानि यकृत की रक्षा हेतु “मकोय एवं पुर्ननवा  जैसी जड़ीबूटियों  की भाजी (सब्जी) बनाकर भोजन के साथ खाया करते थे। यह पुराने समय से लिवर की प्राकृतिक सर्वोत्तम दवा है। जो सदियों से लिवर को क्रियाशील व मजबूत बनाने…

  • श्रीमद्भागवत गीता क्या है-

    श्रीमद्भागवत गीता क्या है-

    कौरव 100 भाई थे। उन कौरव भाइयों के नाम इस ब्लॉग में पढ़े। इस लेख में श्रीमद्भागवत गीता के बारे दुर्लभ जानकारियाँ प्रस्तुत हैं प्रेरणादायक ग्रन्थ है श्रीमद्भागवत गीता- भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया है कि विश्वव्यापी चैतन्य सभी प्राणियों में कर्ता और भोक्ता के रूप में ईश्वर ही काम कर रहा है। इसलिए सबसे गहरे…

  • नीम की पत्ती कब नहीं खाना चाहिए

    नीम की पत्ती कब नहीं खाना चाहिए

    नीम के दुष्परिणाम आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ वैद्य रत्नाकर एवं 18 पुराणों में से एक ब्रह्मवैवर्त पुराण,  【ब्रह्म खंडः 27.29-34】 में लिखा है कि षष्ठी तिथि को नीम की पत्ती,  निम्बोली, फल या दातुन मुँह में  डालने या चबाने से नीच योनियों  की प्राप्ति होती है। इस दिन या षष्ठी तिथि को जो लोग नीम का…

  • क्लीन स्किन के लिए हर्बल क्लीनअप

    क्लीन स्किन के लिए हर्बल क्लीनअप

    कम उम्र में ठहरा हुआ, मुरझाया चेहरा सुन्दरता को कलंकित कर देता है। त्वचा में आये दिन धूल-मिट्टी समाहित होती जाती है, जिससे कम उम्र में ही चेहरा फीका पड़ने लगता है। आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है। सुन्दरता भी आत्मबल वृद्धि में सहायक है। एक अद्भुत !!अमृतम!! फेस क्लीनअप आयुर्वेद में चेहरे को चमकदार और …

  • पानी बनाये रखता है  –जवानी

    पानी बनाये रखता है  –जवानी

    पानी बनाये रखता है  –जवानी क़िस्से हैं पानी के, दुनिया की कहानी से ज्यादा पानी में क्या नहीं है, और भी पानी से ज्यादा  दुनिया में पानी का कोई सानी नहीं है। पानी भी एक औषधि है। आज का पिया हुआ जल,  कल यानि बुढ़ापे में काम आएगा।  आयुर्वेद में पानी की बहुत कहानी लिखी  हैं– अंदर अंदर…

  • स्वस्थ्य शरीर के लिए- त्रिदोष के प्रकोप से बचे

    स्वस्थ्य शरीर के लिए- त्रिदोष के प्रकोप से बचे

    www.amrutampatrika.com मनुष्य का शरीर विकासमान अमरबेल है। विकास या उन्नति की गति, तभी रुकती है जब आरोग्य के मंदिर का दीपक क्षीण होकर रोग का धुंआ छोड़ने लगता है। स्वस्थ्य शरीर के लिए रोग सबसे बड़ा शत्रु है। स्वस्थ्य शरीर की ऊर्जा अत्यंत वेगवती होती है। मनुष्य की पहली जरूरत है स्वस्थ्य शरीर। भक्त रैदास…

  • उत्तरांचल का गुमनाम तीर्थ, जहां बथुए का साग अपने आप उग जाता है।

    उत्तरांचल का गुमनाम तीर्थ, जहां बथुए का साग अपने आप उग जाता है।

    विदुर कुटी-विदुर की कर्म स्थली   यहां बहुत से साधु तपस्या में लीन है। गंगा किनारे बसा यह तीर्थ बहुत रमणीय है   बिजनोर उप्र से लगभग 10 से 12 किलोमीटर दूर बसे विदुरकुटी नामक तीर्थ है। बताया जाता है कि महाभारत  कालीन परम् विद्वान विदुर जी का जन्म हुआ था। उत्तरांचल विदुर आश्रम में…

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