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ईश्वर, अल्लाह, GOD की शरण में रहने के लिए आचरण और पर्यावरण की शुद्धि-पवित्रता जरूरी है।….
★★★ॐ★★★ मनुष्य का हर चरण पर्यावरण बचाने उठे, ऐसी भावना सभी में जागृत हो..… 05 जून “पर्यावरण दिवस” की अन्तर्मन से शुभकामनाएं — !!हर पल आपके साथ हैं हम!! दुनिया के लोग और सरकारें विषैले रसायनों, केमिकल युक्त खाद से हरियाली लाने को ही हरित क्रान्ति मान बैठे हैं। हम खेतों में कीटनाशक रासायनिक या जैविक पदार्थों का…
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क्वारेंटाईन क्या है? क्वारेंटाईन के फायदे। प्राचीन काल का सूतक है-आज का क्वारेंटाईन…..
क्वारेंटाईन के 18 तरीके… जो आपको स्वस्थ्य-सुखी, प्रसन्न रखेंगे! क्या आपको मालूम है- क्वारेंटाईन… प्राचीन काल का सूतक है- गरुड़पुराण” के तेरहवें अध्याय तथा अन्य वेद-ग्रन्थ, उपनिषदों में भी एकांतवास यानि ~“क्वारेंटाईन“~ का जिक्र मिलता है… क्यों पुराने लोग किसी को छूने या हाथ लगाना छुआछूत मानते थे? खुद को सुन्दर-स्वस्थ्य रखने के 18 सूत्र 【1】सादा-जीवन, उच्च-विचार और 7 दिन में एक बार पूरे…
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3 जून आज सायकिल दिवस है। सभी सायकल के शौकीन प्रेमियों को अमृतम परिवार की हार्दिक शुभकामनाएं….
सायकल चलाने से शरीर रहता है-तन्दरुस्त और होते हैं 10 से ज्यादा फायदे… एक जमाना था, जब सारे सन्सार में सायकिल सम्मान का सूचक थी। वो वक्त याद करो, जब सायकिल पर चलने वाला व्यक्ति अपने आप को “माइकल जैक्सन” समझता था। कभी सायकल भी रोजी-रोटी थी… देश में सायकल रोजगार का बहुत बड़ा सहारा हुआ करती थी। लोग कम-धंधे पर निकलने के पूर्व रोज सुबह सायकिल धोना, साफ करना, तान कसना, रिम चमकाना तथा ब्रेकों में…
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फेफड़ों के लिए अत्यंत हानिकारक हैं-रसायनिक कफ सिरप। यह कफ को पूर्णतः सुखा देते हैं।…
कफ का होना भी बहुत जरूरी है- कफ शरीर में चिकनाहट या लुब्रीकेंट बनाये रखता है। कफ को विषम होने बचाना स्वास्थ्यवर्धक होता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि– भविष्य में हमें केमिकल युक्त दवाओं को लेने से बचना चाहिए। किसी भी तरह की खांसी अथवा छोटी-मोटी तकलीफों को ठीक करने के लिए के लिए घरेलू…
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रोग, दुःख-परेशानियों से बचाकर इम्युनिटी बढ़ाता है-चन्दन। माथे पर तिलक-त्रिपुण्ड, टीका या बिन्दी अवश्य लगाएं।
अमृतम चन्दन-परम आनंद की अनुभुति का अनुभव चंदन का तिलक ललाट पर लम्बा या छोटी सी बिंदी के में दोनों भौहों के मध्य लगाया जाता है। चंदन लगाने से तनाव, चिन्ता, भय-भ्रम तथा क्रोध कंट्रोल होता है और उत्तेजना काबू में आती है। उच्च रक्तचाप यानि बीपी हाई आदि अनेक बीमारियों से रक्षा कर, तन-मन स्वस्थ्य रखता है-अमृतम चन्दन शिव सहिंता के अनुसार त्रिपुण्ड की तीन…
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क्वारेंटाईन क्या है? इससे जुड़ी कौन सी महत्वपूर्ण बातें हैं, जो लोग नहीं जानते? क्या कभी भारत में क्वारेंटाईन का अपनाते थे?
दरअसल क्वारेंटाईन एक तरह का एकांतवास है। प्राचीनकाल में इसे सूतक कहा जाता था। जिसे वर्तमान में लोगों ने भुला दिया है। यह सब स्वास्थ्य वर्धक योग थे। 2500 वर्ष पूर्व मास्क का अविष्कार करने वाले जैन धर्म के इन पांच आदर्शों पर चलने हेतु सम्पूर्ण सन्सार को निर्देशित किया था- कैसे जिये, कैसे रहें….…
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शक्तिशाली, मजबूत मनुष्य भी पित्त के कारण चित्त हो जाता है। जाने-पित्तदोष एवं पित्त के प्रकार….
पित्त की वृद्धि ~72~ से ज्यादा रोगों का कारण है- जरूर जानिए पित्त के ~5~ भेद, ~64~ लक्षण, ~13~ प्रकृति और दस उपाय .. •चिड़चिड़ाने वाला क्रोधित स्वभाव, •बात-बात पर गुस्सा, •निगेटिव सोच, •धैर्य की कमी, •जल्दबाज़ी और •देह में दुर्गंध, ये सारी परेशानियां पित्त प्रकृति वाले पुरूष-स्त्री की बहुत हद तक मेल खाती हैं। पित्त bile या gall गहरे हरे-पीले रंग का द्रव है, जो पाचन में मदद करता है। अमृतम पत्रिका के इस लेख/ब्लॉग में हम…
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वेद की बातें बनाएंगी स्वस्थ्य!
जान ले- स्वस्थ्य रहने के लिए जरूरी वेद सनातन जीवन पद्धति क्या है? तन-मन से स्वस्थ्य रहते हुए जो व्यक्ति जीवन जी लेता है, वह सफल हो जाता है, क्योंकि इसी चौबीस घण्टे में क्रम पूर्वक जीवन मृत्यु का घूर्णन (रोटेशन) होता रहता है। वेद ज्ञान का भण्डार है…. @ ज्ञान-काण्ड ऋग्वेद का विषय है, @ कर्मकाण्ड यजुर्वेद…
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वेदमन्त्रों से होते हैं- 19 फायदे….
वैदिक मन्त्रो से करें तन-मन-अन्तर्मन और आत्मा का उपचार। होती है-धन-धान्य की वृद्धि….. मन्त्र चिकित्सा से तन तो स्वस्थ्य होता ही है साथ में अन्तरात्मा भी पवित्र हो जाती है। वेदमन्त्र मुक्तिदायक होते हैं। मन्त्रों के गुंजायमान से रोज-रोज रुलाने वाले रोग और रग-रग में रचे-बसे राग-द्वेष भी रुखसत यानि विदा हो जाते हैं। ऋषिओं का…
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आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देने वाली पच्चीस “28” महान प्रसिद्ध हस्तियों के विचार…
देश को दमदार बनाने के लिए लोकल को वोकल कर स्वदेशी अपनाएं, देश को आगे बढ़ाएं। और जाने-28 सूत्र स्वास्थ्य के…. स्वदेशी का अर्थ है – अपने ही देश की अनिर्मित सामग्री या कच्चा माल (Raw Material) से वस्तुओं का निर्माण करके अपने देश और विदेश में बेचना। अरविन्द घोष, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, वीर सावरकर, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, मदनमोहन मालवीय और लाला लाजपत राय स्वदेशी…
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