• शास्त्रों के अनुसार दान किस वस्तु का करना चाहिए……

    शास्त्रों के अनुसार दान किस वस्तु का करना चाहिए……

    इस लोक  और परलोक में सुख प्राप्ति के लिए  “चार दान” श्रेष्ठ बनाएं है – भीतेभ्यश्चाभयं देयं, व्याधितेभ्यस्तथौषधम्। देया विद्याथिने विद्या, देयमन्नं क्षुधातरे।। 1. भयभीत को अभयदान 2. रोगी को औषधिदान 3. विद्यार्थी को विद्यादान 4. और भूखे को अन्नदान। वेद-पुराणों में उपरोक्त 4 दान के अलावा सब व्यर्थ है। इनका कोई फल नहीं मिलता।…

  • जीवन को सफल और सुखी बनाने वाली…… बीस सूक्तियां

    जीवन को सफल और सुखी बनाने वाली…… बीस सूक्तियां

    कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.…..                                                                                               …

  • झूठ का पुलिंदा हो गया है प्राणी

    झूठ का पुलिंदा हो गया है प्राणी

    शिव सहिंता में लिखा है- सत्यं शिव सुंदरम सृष्टि में जो सत्य है, सच्चा है वही शिव है। सच्चाई में ही सुन्दरता है। सत्यं-शिवम-सुंदरम का यही भाव है। कलयुग का कलंक झूठहि लेना, झूठहि देना। झूठहि भोजन, झूठ चबैना।। वर्तमान में अधिकांश प्राणी सब प्रकार से असत्य का ही व्यवहार कर रहे है। इस कलियुग…

  • क्या आप सुख-सपन्नता चाहते हो?

    क्या आप सुख-सपन्नता चाहते हो?

    सुखी रहने के सूत्र हैं- संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं है जो हमें सदा सुखी               रख सके।  जब शरीर ही हमें सुख नही देता है, तो अन्य वस्तुओं से, विषयों और भोगों से सुख कैसे पा सकते है। जब हम पूर्णतः स्वास्थ्य नहीं रह सकते तो सुख कैसा?…

  • जाने-वे 5 चीजे कभी भी अपवित्र नहीं होती ग्रंथों में इन्हें अपवित्र होने के बाद भी पवित्र बताया है।

    जाने-वे 5 चीजे कभी भी अपवित्र नहीं होती ग्रंथों में इन्हें अपवित्र होने के बाद भी पवित्र बताया है।

    मधु यानी शहद अशुद्ध होने के बाद भी पवित्र मन गया है। जाने-क्यों? “भूतेषु-भूतेषु विचित्य धीरा: ” –  जैसे एक मधुमक्खी फूलों की क्यारी में जाकर प्रत्येक              फूल से केवल उसका रस ग्रहण करती है।                         फूल का ज्यों…

  • विषमता ही विष है- एक व्यंग

    विषमता ही विष है- एक व्यंग

    जाने-  21 तरह के विष और विषमता के बारे में पहली बार।  एक बहुत ही रोचक ब्लॉग ◆ वृद्ध-बुजुर्ग आदमी के लिए युवा यानि जवान पत्नी विष समान हो जाती है। ◆ इश्क में उलझे प्रेमी के लिए यादें विष हो जाती हैं। आगे पढ़ें – कोंन किसके लिए विष है। और कैसे बनती है विष से विषम परिस्थियां  जानेंगे…

  • वेद-ग्रंथों के अनुसार धर्म क्या है। धर्म को चार पुरुषार्थ में से एक कहा है:

    वेद-ग्रंथों के अनुसार धर्म क्या है। धर्म को चार पुरुषार्थ में से एक कहा है:

    आपको मालूम है कि- इंसान का पहला पुरुषार्थ क्या है- पार्ट -1 【भाग-1】 भगवान विष्णु ने जब सृष्टि रचना कि, तो मानव जाति के सुखी और सम्पन्न जीवन हेतु कुछ नियम-धर्म स्थापित किये थे। जिसमें धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष इन चतुर्थ पुरुषार्थ के विषय में वेद-पुराण, ग्रंथो में इनका विस्तृत वर्णन है। सुखमय जीवन के लिए शास्त्रों में धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष इन चार सिद्धान्तों का…

  • पूजा शिंवलिंग की करें या मूर्ति की। क्या कहते हैं वेद-पुराण

    पूजा शिंवलिंग की करें या मूर्ति की। क्या कहते हैं वेद-पुराण

     क्या मूर्ति पूजा धर्म है- ‘न तस्य प्रतिमा अस्ति  यस्य नाम महाद्यश:।  हिरण्यगर्भस इत्येष मा  मा हिंसीदित्येषा यस्मान  जात: इत्येष:।।  यजुर्वेद 32वां अध्याय। अर्थात जिस परमात्मा की हिरण्यगर्भ,  मा मा और यस्मान जात आदि  मंत्रों से महिमा की गई है उस परमात्मा (आत्मा) का कोई प्रतिमान नहीं। वेद कहते हैं सृष्टि में सब कुछ रूद्र ही है। विष्णुपुराण में श्रीविष्णु जी ने  नारद मुनि को बताया…

  • नागों के रहस्य पुराणों से

    नागों के रहस्य पुराणों से

    नागों के बारे में सात आश्चर्य जनक बातें, जो आज तक पढ़ी या सुनी नहीं होंगी। चारो वेद, स्कंद पुराण, शिवपुराण, शतपथ ब्राह्मण, गरुड़ पुराण, एश्वरोउपनिषद आदि पुराने ग्रंथों में नागों के बारे में विस्तार से वर्णन है। 【1】बह्मांड में जितने भी सिद्ध-असिद्ध नाग हैं, वह सब भगवान शिव के समीप ही शिंवलिंग पर निवास करते…

  • कुन्तल केयर हर्बल हेयर स्पा

    कुन्तल केयर हर्बल हेयर स्पा

    No चिप-चिप हर्बल फार्मूला कुन्तल केयर हर्बल स्पा पूर्णतः प्राकृतिक हेयर केयर बालों की जड़ों को मजबूती देकर स्वस्थ्य बनाता है, जिससे बाल झड़ना, टूटना तुरन्त रुक जाता है। लंबे और चमकदार बाल सुन्दरता बढ़ाते हैं, जिससे आप दिखेंगे- खूबसूरत और आत्मविश्वास से लबालब…. कुन्तल केयर हर्बल हेयर स्पा  देशी जड़ीबूटियों से निर्मित 100 फीसदी…

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