• खट्टी डकारें, अपच मिटाते हैं-13 मसाले

    खट्टी डकारें, अपच मिटाते हैं-13 मसाले

    जाने- रोगनाशक मसालों के बारे में… खट्टी डकारें, अम्लपित्त, पित्तदोष, त्रिदोष, गैस, कब्ज, एसिडिटी, यकृत की कमजोरी, कर्कट रोग (कैंसर), पेटदर्द, आँतों की खराबी और पेटदर्द आदि अनेक पेट/उदररोग से मुक्ति दिलाकर इम्युनिटी बढ़ाते हैं– भारतीय आयुर्वेदिक 13/तेरह मसाले…… अतः सब्जी के साथ दम से खाएं। क्योंकि सब्जी में सबका जी रहता है। पाचनतंत्र के…

  • सफलता, समृद्धि-सम्पदा, धन बढ़ाने के लिए शुक्र को कैसे प्रसन्न करें?…

    सफलता, समृद्धि-सम्पदा, धन बढ़ाने के लिए शुक्र को कैसे प्रसन्न करें?…

    ■ जन्मपत्रिका का शुक्र की स्थिति…. ■ दीपावली की रात दीपदान का क्या रहस्य है?… चांदी के छल्ले या अंगूठी के बारे में भय-भ्रम मिटाने वाली 73 रोचक और अदभुत जानकारी पढ़ें… ■ क्यों दीपावली उत्सव के कारक हैं-शुक्राचार्य?… ■ क्या चांदी पहनने से समृद्धि आती है? ■ क्या शुक्र ग्रह बिना रत्न के भी बलवान हो…

  • क्या पैसा पाने के लिए छठी इन्द्रिय जागृत करना जरूरी है अथवा धन ही छठी इन्द्रिय है।

    क्या पैसा पाने के लिए छठी इन्द्रिय जागृत करना जरूरी है अथवा धन ही छठी इन्द्रिय है।

    पैसा ही कलयुग में छठी इन्द्रिय है। जाने धन के 52 से अधिक चमत्कार! क्योंकि जीवन 52 पत्तों की तरह है, जिसके पत्ते लग गए या अच्छे आ गए, वही पल में अम्बानी, बिलगेट्स बन जाता है। शिव सन्त सही कहते हैं- मैं अति दुर्बल मैं मतिहीना, जो कछु कीन्हा, शम्भू कीन्हा। कहा गया है…

  • पेट की सफाई कैसे रखें..

    पेट की सफाई कैसे रखें..

    पेट खराबी, कब्ज, गैस की समस्या से होते हैं- 25 तरह के खतरनाक रोग…. आयुर्वेद की कभी भी कोई भी जड़ीबूटी, देशी दवा या घरेलू उपायों से हो सकता है-शहर्रिर को भारी नुकसान। अतः बिना जाने-समझे, सन्दर्भ ग्रन्थ पढ़े बिना कतई भरोसा न करें। आजकल गूगल पर अनेको भ्रमित करने वाली जानकारियों का भंडारण हो…

  • तन-मन को संक्रमण और बीमारियों से बचाना है, तो सप्ताह में 2 बार मालिश-मसाज या अभ्यङ्ग अवश्य करें…शास्त्रमत यह ज्ञान पहली बार पढ़ें…

    तन-मन को संक्रमण और बीमारियों से बचाना है, तो सप्ताह में 2 बार मालिश-मसाज या अभ्यङ्ग अवश्य करें…शास्त्रमत यह ज्ञान पहली बार पढ़ें…

     अभ्यङ्ग के अनुभव, चमत्कारी लाभ- अपने पूरे जीवन में शरीर की मालिश करने वाले डा॰ हरिकृष्णदास एम॰ ए॰ ने अपने अनुभवों में लिखा है कि संक्रमणों तथा बीमारियों से बचने के लिए मालिश अति आवश्यक उपक्रम है। स्वस्थ्य-प्रसन्न औऱ लम्बी निरोग जीवन के लिए सप्ताह में कम से कम एक से दो बार मसाज अवश्य…

  • आयुर्वेद के अनुसार सिरदर्द और अनेक बीमारियों की वजह क्या है?..

    आयुर्वेद के अनुसार सिरदर्द और अनेक बीमारियों की वजह क्या है?..

    सिरदर्द, नसों में धीमा रक्त संचार और दिमागी मांसपेशियां कमजोर हों, तो योगा करने के बाद सीधी नाक से गहरी-गहरी श्वांस नाभि तक ले जाकर सीधी नाक से ही शनै-शनै ही छोड़े। ऐसा दिनभर में 200 से 300 बार दोहराएं आपकी दिमागी तकलीफ 100 फीसदी मिट जाएगी। शरीर में प्राणवायु अर्थात ऑक्सीजन की पूर्ति होने…

  • एक  वर्धक सुखड़ी प्रसाद के बारे में पढ़ें..लाजबाब स्वादिष्ट-स्वास्थ्य

    एक वर्धक सुखड़ी प्रसाद के बारे में पढ़ें..लाजबाब स्वादिष्ट-स्वास्थ्य

    भगवान को भोग लगाने का सही तरीका समझे ¶~ अमृतमपत्रिका के इस ब्लॉग में यह भी जाने कि- भोग-प्रसाद-नैवेद्य में क्या फर्क है… ¶~ स्कंदपुराण के अनुसार- बिना मंत्रों के ईश्वर को अर्पित किया गया नैवेद्य घर में दरिद्रता, तनाव देता है। ¶~ नैवेद्य अर्पित करने हेतु 5 मंत्रों का महत्व… ¶~ सुखड़ी का नैवेद्य…

  • बैठे-बैठे काम करके या वर्क फ्रॉम होम के चलते कहीं आपका लिवर खराब तो नहीं रहा। जाने क्या हैं लक्षण यकृत रोग के…

    बैठे-बैठे काम करके या वर्क फ्रॉम होम के चलते कहीं आपका लिवर खराब तो नहीं रहा। जाने क्या हैं लक्षण यकृत रोग के…

    लापरवाही से शरीर की तबाही…. कभी अचानक ज्यादा सिर दर्द, सर्दी-जुकाम, खांसी जैसे जरा सी तकलीफ में हम जो अंग्रेजी मेडिसिन लेते हैं। ये भी लिवर को खराब करती हैं। लिवर को खराबी से बचाने का उपाय यही है कि हम अपना खानपान बदलें। खराब खानपान ने बड़े-बड़े खानदान खत्म कर दिए। अधिकांश युवक-युवतियां वर्क…

  • क्रूर ग्रह-नक्षत्र की शांति कैसे करें..

    क्रूर ग्रह-नक्षत्र की शांति कैसे करें..

    स्कंदपुराण के मुताबिक ग्रह-नक्षत्रों की प्रसन्नता के कुछ आंशिक उपाय क्या है? समझे और करें… अमृतमपत्रिका, चित्रगुप्त गंज, नईसड़क, ग्वालियर की रिसर्च…. ज्योतिष…ज्योति, अग्नि, प्रकाश, सूर्य की तरह ही सत्य है। ज्योतिष अकाट्य है। इसे झुठला नहीं सकते। कलियुग में अब ज्योतिष विद्या के त्यागी जानकार अब उपलब्ध नहीं है। सब धंधेबाज हो गए हैं।…

  • कान के किस्से, पढ़े पहली बार…

    कान के किस्से, पढ़े पहली बार…

    कान के कारण ही हर किसी में करुणा भाव आता है। कान पर चश्मे, ईयरफोन, नारी के झुमके का बोझ है। कान को हमेशा खूंटी ही समझा गया। बरेली के बाजार में झुमका कान से ही गिरा था, ऐसा किसी गाने में गाया है। लोग किसी भी बात को दिल लगाकर सुने, कान लगाकर नहीं!….…

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