Category: Amrutam Daily Lifestyle

  • गरीबी, दुःख, तकलीफ, समस्याओं को मिटाना हो, तो नवरात्रि में करें उपवास ओर ये amrutam उपाय !

    गरीबी, दुःख, तकलीफ, समस्याओं को मिटाना हो, तो नवरात्रि में करें उपवास ओर ये amrutam उपाय !

    साल में चार बार मिलते हैं मोके। इन्हें कैसे भी छोड़े नहीं। फिर, वर्ष भर प्रसन्न रहोगे।    नो दिन के उपवास के 18 फायदे सेहत बनाने के ये 9 दिन करें देवी की साधना, तो खुल जाएंगे नवद्वार और नव ग्रहों की कृपा होने लगेगी। सिद्धि, बुद्धि, समृद्धि की वृद्धि करने और तन, मन,…

  • स्वास्थ्य रक्षक घरेलू नुख्सों के क्या फायदे हैं।

    स्वास्थ्य रक्षक घरेलू नुख्सों के क्या फायदे हैं।

    आयुर्वेद में अनुपान का विशेष महत्व है। कोई चूर्ण उतना ही खाएं जीतना पचा सकें अन्यथा चूर्ण का काढ़ा बनाकर पीने लाभकारी है। द्रव्यगुण विज्ञान के अनुसार हल्दी एक  महीने में 10 से 15 ग्राम तक ही लेना हितकारी है अन्यथा फेफड़ों से कफ को सुखा देगी और दमा, श्वांस की समस्या खड़ी हो सकती…

  • क्या आप शुद्ध शहद खा रहे हो या ग्लूकोज, शक्कर ?

    क्या आप शुद्ध शहद खा रहे हो या ग्लूकोज, शक्कर ?

    अमृतम द्वारा रिपैक किया गया शुद्ध शहद मधु पंचामृत के नाम से ऑनलाइन उपलब्ध है। मधु प्रकृति से प्राप्त शक्तिदाता उपहार है। महिलाओं के लिए अमृत ओषधि है। यह खाने के साथ-साथ चेहरे कील-मुहांसे, झुर्रियां साफ कर …स्‍किन पोर्स में जमी अशुद्धियों को बाहर निकालता है। प्रकृति का अनमोल अमृत…मधु पंचामृत “भूतेषु-भूतेषु विचित्य धीरा: ”…

  • क्या शुद्ध शहद या मधु की पहचान सम्भव है ? Amrutam

    क्या शुद्ध शहद या मधु की पहचान सम्भव है ? Amrutam

    आयुर्वेद के 5000 वर्ष प्राचीन ग्रन्थ वनोषधि सहिंता, द्रव्यगुण विज्ञान,अष्टाङ्ग ह्रदय चरक सहिंता, सुश्रुत आदि में शुद्ध शहद की कोई विशेष या वैज्ञानिक पहचान नहीं लिखी है। गूगल पर पड़ी अनेकों जानकारियां मनगढ़ंत हैं। कृपया बिना ग्रन्थ-शास्त्र, उपनिषद, भाष्य आदि सन्दर्भ के बिल्कुल भी भरोसा न करें। जैसे- ग्रन्थों में लिखा है कि शहद में गर्म करने से उसका…

  • केले का गुदा भी किडनी की रक्षा करने में चमत्कारी ओषधि है।

    केले का गुदा भी किडनी की रक्षा करने में चमत्कारी ओषधि है।

    केले के छिलकों को सुखाकर आटे में मिलाकर रोटी खाएं, तो आंतों का संक्रमण साफ होता है। जाने केले का पोधा घर में लगाकर पूजा करने से क्या नुकसान फायदे होते हैं। डायलिसिस से छुटकारा मधुमेह से पीड़ित मरीजों को आए दिन डायलिसिस कराना पड़ता है। 8 केला छिलका का गूदा निकाल कर इसे सूजी…

  • खड़े होकर पेशाब करने से शरीर का कौनसा हिस्सा खराब होने लगता है?

    खड़े होकर पेशाब करने से शरीर का कौनसा हिस्सा खराब होने लगता है?

    पेशाब के बारे में आयुर्वेदिक ग्रन्थों का यह ज्ञान आपका ध्यान केंद्रित करेगा। ये १७ महत्वपूर्ण जानकारी आपका मार्गदर्शन करेंगी। रात को सोने से पहले पेशाब अवश्य करें। वैसे तो खड़े होकर पेशाब नहीं करनी चाहिए लेकिन आजकल ये अब मजबूरी बन चुका है। दूसरी बात ये है कि सबके शरीर से लोच खत्म होता…

  • अनेकों पाठकों ने लिखे अमृतम पत्रिका के अनुभव कि अमृतम ने हमारा जीवन बदल दिया!

    अनेकों पाठकों ने लिखे अमृतम पत्रिका के अनुभव कि अमृतम ने हमारा जीवन बदल दिया!

      जाने जीवन को को कैसे स्वस्थ्य, समृद्ध बना सकते हैं। प्राचीन कुछ नियमों को अपनाकर आप अपना जीवन बदल सकते हो। स्वास्थ्य को दवा से नहीं दुआ से संभालो। हमारे शरीर की जानकारी हमें ज्यादा होती है अन्य किसी ओर को अथवा डॉक्टर को नहीं। अमृतमपत्रिका, ग्वालियर अंक अप्रैल 2008 से साभार ये 23…

  • आयुर्वेद के मुताबिक शरीर में दर्द क्यों होता है? अमृतम

    आयुर्वेद के मुताबिक शरीर में दर्द क्यों होता है? अमृतम

    शरीर में दर्द होने की मूल वजह है रक्त संचार का अवरुद्ध होना। जब कोई अपनी दिनचर्या को आलस्य, सुस्ती युक्त बना लेता है और परिश्रम करना कम या बंद कर देता है, तो शरीर में अनेक तरह के दर्द उठना आरम्भ हो जाते हैं, जिन्हें आयुर्वेद में वात रोग कहते हैं। ये ८८ प्रकार…

  • भगवान मूर्तियों में नहीं है बल्कि सृष्टि की सभी वस्तुओं का जो जोड़ है, वही परमात्मा है

    भगवान मूर्तियों में नहीं है बल्कि सृष्टि की सभी वस्तुओं का जो जोड़ है, वही परमात्मा है

    परमात्मा या धन, दौलत, सम्पदा, सिद्धि, समृद्धि चमत्कारों से नहीं आती। प्रचण्ड प्रयास ओर मेहनत से आती है। अमृतम पत्रिका यह आर्टिकल आपके अंधकार, अज्ञानता का नाश कर सारा भय भ्रम मिटाकर आंखे खोलने में मदद करेगा। परमात्मा के बारे में विशेष 24 बातें आपका दिमाग खोल सकती हैं। ऐसा प्रश्न स्वाभाविक है, क्योंकि परमात्मा के…

  • मौका लगे, तो हिमाचल भरमौर जरूर जाएं। मणिमहेश के दर्शन के लिए यहीं से जाना पड़ता है ! Amrutam

    मौका लगे, तो हिमाचल भरमौर जरूर जाएं। मणिमहेश के दर्शन के लिए यहीं से जाना पड़ता है ! Amrutam

    बुदील घाटी के किनारे पर स्थित, भरमौर चंबा से सिर्फ 60 कि.मी. दूर है जहाँ रवि घाटी की खतरनाक पहाड़ी सड़कों के ज़रिये दो घंटे की लंबी सड़क यात्रा के बाद पहुँचा जा सकता है। 626 ईस्वी पूर्व के प्राचीन मंदिरों के अलावा, भरमौर धौलाधर और शिवालिक रेंज में कई रोमांचकारी स्थान अत्यंत मनमोहक है।…